शाजापुर। शहर की कृषि उपज मंडी के पीछे से गुजरने वाली सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में है। यह सड़क करीब 10 से 12 गांवों को शाजापुर शहर से जोड़ती है और हजारों ग्रामीणों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग मानी जाती है। सड़क की खराब हालत के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग से बमोरी, पिंदोनिया, पचोला, रिछोदा, मेंहदी, लड़ावद, खेड़ा बमोरी, पिंदोनिया खेड़ा, रामपुरा और मेवासा सहित कई गांवों के लोग शाजापुर आते-जाते हैं। यह रास्ता शहर तक पहुंचने का सबसे छोटा और सुविधाजनक मार्ग है। सामान्य परिस्थितियों में जहां इस सड़क से शाजापुर पहुंचने में लगभग 15 मिनट लगते हैं, वहीं सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को अब करीब एक घंटे का समय लग रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर स्वीकृत हो चुका है और आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
सबसे अधिक परेशानी बीमार और गंभीर मरीजों को होती है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन खराब सड़क के कारण समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। आने वाले मंगलवार को प्रभावित गांवों के लोग मंगलावर को कलेक्टर कार्यालय और विधायक कार्यालय का घेराव कर अपनी समस्याएं रखेंगे और सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है और यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।