नीमच। नगर पंचायत अठाना के अधिकारियों पर एक जीवित महिला को मृत घोषित कर पेंशन बंद करने का आरोप लगा है। वहीं बीते दो वर्षों से मृत महिला के खातें में पेंशन की राशि अंतरित की जा रही है। इसे लेकर महिला के भाणेज ने वीडियो वायरल कर मृत बताई जा रही महिला के मामले को उजागर करते हुए एसडीएम जावद से कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अठाना के वार्ड नंबर 14 निवासी मोहनी बाई पति स्व. घनश्याम दास बैरागी (74) ने भाणेज (दोहिता) मनीष दास बैरागी के साथ एसडीएम जावद को एक आवेदन दिया है। आवेदन के माध्यम से बताया गया कि नौकरशाहों की लापरवाही ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। जिस वजह से वह विगत दो वर्षों से विधवा पेंशन का लाभ नहीं ले पा रही है। वहीं एक अन्य मृत महिला को जीवित बताकर बीते दो वर्षों से उसके खाते में पेंशन की राशि डाले जाने की बात भी सामने आई है। कुल मिलाकर मृत महिला पेंशन प्राप्त कर रही है और जीवित पेंशन के लिए दर दर की ठोकरें खा रही है। हालांकि त्रुटि एक जैसे नाम की वजह से होना बताई जा रही है।
मोहनी बाई बैरागी ने एसडीएम राजेश शाह को दिए आवेदन में बताया है कि उसे पेंशन नहीं मिलने के कारण बस्ती में भीख मांगकर गुजारा करना पड़ रहा है। नगर पंचायत में कई बार आवेदन दिए गए। हालांकि उसकी पेंशन शुरू नहीं की गई। भाणेज मनीष ने जब मामले को लेकर दफ्तर पहुंचे तो उन्हें मोहनी बाई बैरागी को मृत बता दिया गया। जबकि उसके स्थान पर किसी अन्य मोहनी बाई को पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। जिसकी मौत दो साल पहले हो चुकी है। पीड़िता बैरागी ने एसडीएम राजस्व से पेंशन दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि जावद और अठाना नगर परिषद को एक ही सीएमओ के भरोसे संचालित हो रही और सीएमओ का भी लंबे समय से तबादला नहीं हुआ। चुनाव के दौरान प्रशासन के द्वारा मन्दसौर जिले में तबादला भी किया गया था। हालांकि वे अपने जोड़ तोड़ से फिर जावद में पदस्थ हो गए हैं।
नगर परिषद अठाना के डॉ. जगजीवन शर्मा ने इस मामले में बताया कि पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। गलती से किसी अन्य मृतक मोहनी बाई की जगह मोहनी बाई बैरागी का नाम मृतक सूची में दर्ज हो गया है। जिसके चलते उनकी पेंशन बंद हो गई थी। जिस मृत महिला के खाते में पेंशन जा रही थी। उस पूरे मामले में गलती सुधारी जा रही है।