गरोठ। तहसील के ग्राम कोटडाबुजुर्ग में कई वर्षाे से एक छोड फाड़ की परंपरा चली आ रही है जो दिपावली लक्ष्मी पूजन के दूसरे दिन ये कार्यकम होता है। छोड भैंस के चमडे़ से बना होता है जो एक गाय से फडवाया जाता है। गाय अगर छोड़ नहीं फाड़ती है तो के पैरो मे फटाके फोडे जाते है ओर उनको उकसाया जाता है जिसमे गायो के साथ छोड फाड का खेल खेला जाता है। गायों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं है। यहां छोड फडवाने के लिए कई गायों को लाया जाता है।
इस छोड फाड आयोजन कई गाये चोटिल हो जाती है। कई बार गायो के सिंग तक टुट जाते है। यहा सुरक्षा के कोई इंतजाम नही होते है। बडी संख्या मे आसपास के क्षेत्र से लोग व ग्रामीण देखते है। यहा गाव मे दो जगह छोड फाड का आयोजन होता है। इस छोड फाड कार्यकम के दौरान कई लोग घायल भी हो जाते है। यहा शासन प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार कि कोई व्यवस्था नही होती है।