चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) महेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल द्वारा महिला अधिकारिता विभाग परिसर चित्तौड़गढ़ में संचालित सखी वन स्टॉप सेन्टर के नये भवन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने सहायक निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग राकेश कुमार तँवर एवं उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग नंदलाल जी मेघवाल के साथ विभाग के कार्यों एवं योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सखी वन स्टॉप सेन्टर के नये भवन के आश्रय कक्ष के साथ भोजन,पानी,आवास, दैनिक आवश्यकताओं आदि सुविधाओं का जायजा लिया। केस रजिस्टर का निरीक्षण किया। प्रभारी नीतू जोशी ने बताया कि किसी भी हिंसा से पीड़ित महिला को अविलम्ब आश्रय एवं अन्य सहायता हेतु केन्द्र एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध करवाता है। जाति,धर्म,वर्ग,क्षेत्र,लैंगिक अभिविन्यास अथवा वैवाहिक स्थित के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। पीड़िता को 5 दिन तक भर्ती अवधि में आश्रय के साथ भोजन, आवास, दैनिक आवश्यकताओं आदि की पूर्ति की जाती है। महिलाओं को रोजगार दिलवाने में भी सखी केन्द्र की ओर से सहायता की जाती है। निरीक्षण के दौरान नये भवन में संचालित समस्त व्यवस्थाएँ एवं सुविधाएँ संतोषजनक पाई गयी। निरीक्षण से दौरान स्टाफ समता भटनागर,नीतू जोशी,सीमा राजोरा,रंजना डांड,सुमन सेन,ममता बैरवा,नारायण कुमावत आदि उपस्थित रहें। केन्द्र 24 घण्टे 365 दिन खुला रहता है तथा पारी के अनुसार कुशल परामर्शदाता, सुरक्षा कर्मी एवं हेल्पर सेवा देने को तत्पर रहते हैं। कोई भी महिला 181 या सम्बन्धित थाना या सीधे ही केन्द्र पर 01472294802 पर सम्पर्क कर केन्द्र की सेवा प्राप्त कर सकती हैं। गोपनीयता के साथ पीड़िता को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवायें उपलब्ध कराते हुये केन्द्र पर समस्या का समाधान कर महिलाओं का निरन्तर सहयोग किया जा रहा है।