गरोठ। दो दिन के अवकाश के बाद मंडी खुली और राजस्थान सहित अन्य क्षेत्रों से किसान अपनी प्याज की फसल लेकर पहुंचे। लेकिन नीलामी कार्य में देरी के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसानों के लिए अपनी फसल बेचना और उचित मूल्य प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। नीलामी में देरी से किसानों को अपनी फसल के लिए उचित मूल्य नहीं मिल पाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। मंडी प्रशासन को किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और नीलामी प्रक्रिया को शीघ्र और पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए।