रतलाम। मुंबई सेंट्रल मंडल के घोलवड-उमरगाम रोड रेलखंड पर स्थित ब्रिज क्रमांक-203 पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने के कारण रेल परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हो गया। इसके चलते दिल्ली-मुंबई रेलखंड पर संचालित कई ट्रेनों को रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर निर्धारित समय तक रोका गया। यात्रियों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित कर भोजन एवं पेयजल की व्यापक व्यवस्था उपलब्ध कराई।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रतलाम, नामली, नागदा, मेघनगर, लिमखेड़ा, थांदला रोड एवं बामनिया स्टेशनों पर रुकी ट्रेनों के यात्रियों को उपलब्धता के अनुसार दाल-चावल, खिचड़ी, पोहा, केले तथा पेयजल का वितरण किया गया। यात्रियों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है।
इस सेवा कार्य में स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी सराहनीय सहयोग प्रदान किया। नागदा, रतलाम, मेघनगर एवं लिमखेड़ा स्टेशनों पर सामाजिक संगठनों द्वारा यात्रियों के लिए भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था की गई।
रतलाम मंडल ने संबंधित सभी स्टेशनों को निर्देशित किया है कि रेल परिचालन सामान्य होने तक खान-पान स्टॉल पूर्ण क्षमता के साथ संचालित रहेंगे। गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। पेयजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने हेतु स्टेशनों पर अतिरिक्त वाटर कैम्पर मंगाए गए हैं तथा स्टॉल संचालकों को भी पर्याप्त संख्या में पानी के कैम्पर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) एवं जीआरपी के जवान स्टेशनों पर नियमित गश्त कर रहे हैं। रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारी भी स्टेशनों पर उपस्थित रहकर यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही यात्रियों को समय-समय पर रेल परिचालन से संबंधित अद्यतन जानकारी भी दी जा रही है।
पश्चिम रेलवे का रतलाम मंडल यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी आपात अथवा प्रतिकूल परिस्थिति में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।