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July 23, 2026, 5:49 pm
NEWS : मक्का की फसल में फॉल आर्मीवर्म कीट को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, रैपिड रोविंग सर्वे के बाद किसानों के लिए एडवाइजरी जारी, समय पर नियंत्रण उपाय अपनाने की अपील, पढे़ रेखा खाबिया की खबर

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चित्तौड़गढ़। खरीफ फसलों में कीट-व्याधि की सतत निगरानी के तहत कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रैपिड रोविंग सर्वे (Rapid Roving Survey) किया गया। सर्वेक्षण के दौरान मक्का की फसल में फॉल आर्मीवर्म (Fall Armyworm) कीट का प्रकोप देखा गया। कृषि विभाग ने किसानों से सतर्क रहने तथा प्रारंभिक अवस्था में ही वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार नियंत्रण उपाय अपनाने की अपील की है।


संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. शंकर लाल जाट ने बताया कि सर्वेक्षण दल में डॉ. ललित कुमार छाता (बारानी अनुसंधान केन्द्र, भीलवाड़ा), डॉ. किशन लाल जीनगर (प्रोफेसर, कीट विज्ञान, कृषि महाविद्यालय सुवाणिया, भीलवाड़ा), सुनीता डीडवानिया (सहायक निदेशक, कृषि खण्ड भीलवाड़ा), अंशु चौधरी (सहायक निदेशक, कृषि-विस्तार, चित्तौड़गढ़), ज्योति प्रकाश सिरोया (कृषि अधिकारी) तथा यशोदा रेगर (कृषि पर्यवेक्षक) शामिल रहे।


फॉल आर्मीवर्म की पहचान
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि इस कीट की इल्ली हल्के भूरे से गहरे रंग की होती है। इसके सिर पर अंग्रेजी के 'Y' आकार का उल्टा निशान तथा शरीर के अंतिम भाग पर वर्गाकार रूप में चार काले धब्बे दिखाई देते हैं। यह इल्ली मक्का की पोंगली (गाभ) में छिपकर पत्तियों को खाती है, जिससे पत्तियों में बड़े-बड़े छेद बन जाते हैं तथा पोंगली में कीट का मल भी दिखाई देता है।


एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि प्रारंभिक अवस्था में खेतों में 4 से 8 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाकर कीट की निगरानी करें। अंडों के समूह एवं छोटी इल्लियों को हाथ से एकत्र कर नष्ट करें। अज़ाडिरैक्टीन 1500 पीपीएम का 5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें। पोंगली में सूखी बालू मिट्टी अथवा राख डालने से भी कीट का प्रभाव कम किया जा सकता है।


अधिक प्रकोप होने पर करें अनुशंसित दवाओं का छिड़काव
यदि खेत में कीट का प्रकोप अधिक हो तो स्पिनेटोरम 11.7% एससी (0.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) अथवा क्लोरांट्रानिलिप्रोल 18.5% एससी (0.4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी) अथवा इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी (0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी) में से किसी एक अनुशंसित कीटनाशक का पौधे की पोंगली (गाभ) को लक्ष्य करते हुए छिड़काव करें।


कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी कि कीटनाशक का छिड़काव सुबह या शाम के समय करें तथा स्प्रे नोजल को सीधे पोंगली की ओर रखें, ताकि दवा प्रभावी रूप से कीट तक पहुँच सके। छिड़काव के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अवश्य करें।


कृषि विभाग ने किसानों से नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार के अधिक प्रकोप की स्थिति में निकटतम कृषि विभाग के कार्यालय अथवा कृषि विशेषज्ञ से संपर्क कर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही नियंत्रण उपाय अपनाने की अपील की है।

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