इंदौर। रंगपंचमी पर पंचकुइया स्थित राम मंदिर परिसर में आवारा कुत्तों ने दो साल की मासूम सहित सात लोगों को काट लिया था। इस घटना के बाद से प्रशासन लगातार बढ़ रही कुत्तों की संख्या पर लगाम लगाने की तैयारी में है।
25 मार्च को इसे लेकर कलेक्टोरेट में नगर निगम, पशु पालन विभाग, एनजीओ की मीटिंग रखी गई है। इसमें कलेक्टर आशीष सिंह छह महीने चलने वाले अभियान के प्लान पर चर्चा करेंगे।
इसमें दोनों विभागों के साथ जनभागीदारी से कैसे इन पर नियंत्रण हो, इस पर प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं पर नियंत्रण करना है। दरअसल बीते पांच सालों में डॉग बाइट की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सालभर में 50 हजार डॉग बाइट के केस सामने आए हैं। छह माह के अभियान में खास मुद्दा कुत्तों की नसबंदी का है। रहेगा। इनके खानपान के लिए सुरक्षित स्थान बनाने पर भी मंथन होगा। जनभागीदारी से इसे सफल बनाने के लिए जल्द अभियान शुरू किया जाएगा।
डॉग बाइट को लेकर हाल ही में हाई कोर्ट एक याचिका पर आदेश भी दिए थे। इसमें याचिकाकर्ता वंदना जैन ने नगर निगम की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। वहीं, एडवोकेट महेश गर्ग ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी। नगर निगम अधिकारियों ने कोर्ट में बताया कि अब तक बड़ी संख्या में कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, लेकिन समस्या बनी हुई है। इस पर कोर्ट ने निर्देश दिया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के अनुसार नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया तेज की जाए। राज्य पशु कल्याण बोर्ड को इसकी निगरानी करने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।