रतलाम। जिले में 3 से 16 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्मुस्कान अभियानश् का संचालन 31 जुलाई तक किया जाएगा। कलेक्टर मिशा सिंह ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं।
अभियान के तहत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्रों में तथा 6 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों की मैपिंग कर एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर प्रविष्टि करेगा। प्रत्येक शासकीय विद्यालय में एक शिक्षक को मुस्कान अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
कक्षा-1 में प्रवेश के लिए प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। वहीं 30 सितंबर 2026 तक छह वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी बच्चों की अपार आईडी बनाकर उन्हें 30 जुलाई तक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर सर्वे कर 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का पंजीयन करेंगी तथा प्रवेशित बच्चों की सूची ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराएंगी। पलायन कर चुके परिवारों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा, ताकि उनके लौटने पर बच्चों का तत्काल संस्थागत प्रवेश कराया जा सके।
यदि कोई अभिभावक 3 से 6 वर्ष के बच्चे का आंगनवाड़ी या विद्यालय में प्रवेश नहीं कराता है, तो इसकी शिकायत कंट्रोल रूम नंबर 07412-297544 पर दर्ज कराई जा सकती है। शिकायतों के निराकरण के लिए विकासखंड स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश-
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में नामांकन, अपार आईडी, को-लोकेशन सर्वे और ई-अटेंडेंस की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि कक्षा-1 में प्रवेश के लिए अभी 1,066 बच्चे नामांकन से वंचित हैं, जिनमें सर्वाधिक बाजना (636) और रतलाम (309) के हैं।
बैठक में यह भी सामने आया कि जिले में 66,145 बच्चों की अपार आईडी बनना शेष है, जबकि 2,030 भवनों में से 738 भवनों की को-लोकेशन प्रविष्टि लंबित है। सभी लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
सभी विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर, जादुई पिटारा, जीरो पीरियड और लाइब्रेरी का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के साथ ई-अटेंडेंस को 100 प्रतिशत करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिला परियोजना समन्वयक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, बीएसी तथा सीडीपीओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।