भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक बड़े कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। ‘वीर भारत न्यास’ जमीन मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर न्यास ने जीतू पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीर भारत न्यास के वकीलों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को 5 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजने की आधिकारिक घोषणा की है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले दिनों कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीर भारत न्यास पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। पटवारी ने दावा किया था कि न्यास को कौड़ियों के दाम यानी महज 1 रुपए में 500 करोड़ रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन रेवड़ी की तरह बांट दी गई।
3 दिन में मांगें माफी
वीर भारत न्यास के वकील हरीश मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी के आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा- जीतू पटवारी ने वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी पर सरेआम झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के कारण समाज में श्रीराम तिवारी और न्यास की छवि बेहद धूमिल हुई है। वकील हरीश मेहता ने जीतू पटवारी को चेतावनी देते हुए कहा, “हमने उन्हें 5 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। अगर जीतू पटवारी 3 दिन के अंदर मीडिया के सामने आकर सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करते हैं और माफी मांगते हैं, तो हम आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।”
कोर्ट जाने की तैयारी
न्यास के वकीलों ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय सीमा (3 दिन) के भीतर जीतू पटवारी ने अपने बयानों पर माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस मानहानि नोटिस के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भूचाल आना तय माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस अल्टीमेटम पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का क्या रुख रहता है।