मंदसौर। जिले के कई शासकीय विद्यालयों में वर्षों पुराने, जर्जर एवं अनुपयोगी भवन अब भी खड़े हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। इन भवनों में जहरीले जीव-जंतु भी पनप रहे हैं, जिससे विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बताया गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत वर्ष ही जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ऐसे जर्जर एवं अनुपयोगी विद्यालय भवनों को तत्काल चिन्हित कर ध्वस्त (डिस्मेंटल) करने के निर्देश दिए थे, ताकि राजस्थान के झालावाड़ में हुए दर्दनाक हादसे जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इसके बावजूद ग्राम पंचायतों एवं विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा विधिवत प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी कई भवनों को डिस्मेंटल करने की अनुमति नहीं मिल सकी है। इसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है।
इसी मुद्दे को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा डॉ. विजय पाटीदार ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के समक्ष मामला उठाते हुए वर्षा ऋतु को देखते हुए जिले के सभी जर्जर विद्यालय भवनों को प्राथमिकता के आधार पर ध्वस्त कराने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।