निंबाहेड़ा। 21वें कल्याण महाकुंभ के अंतर्गत नेमीशारण्यम परिसर स्थित विश्वरूपम कथा मंडपम में शनिवार को आध्यात्मिकता, राष्ट्रभक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर भानपुरा पीठाधीश्वर शंकराचार्य परम पूज्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ महाराज ने श्री लिंग महापुराण कथा में भगवान शिव की महिमा का बखान किया, वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने अपनी ओजस्वी रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्री लिंग महापुराण कथा के चौथे दिन स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ महाराज ने भगवान शिव, नंदी और शिवभक्ति के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि यज्ञ, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में द्रव्य, क्रिया और मंत्र की शुद्धि अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने पर मृत्यु, भय और संकट भी भक्त का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। उन्होंने श्रद्धालुओं से ॐ नमः शिवाय मंत्र का श्रद्धा और समर्पण भाव से जप करने का आह्वान किया।
कथा के दौरान उन्होंने महर्षि शिलाद और भगवान शिव के परम भक्त नंदी के अवतार का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि अटूट शिवभक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने नंदी को अजर-अमर रहने, अपने गणों का अधिपति बनने और सदैव अपने समीप रहने का वरदान दिया। स्वामीजी ने पंचनद के आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच नदियां मनुष्य की पांच ज्ञानेंद्रियों का प्रतीक हैं और इनका संयम ही वास्तविक आध्यात्मिक स्नान है।
इस अवसर पर भागवत मर्मज्ञ संत दिग्विजयराम ने कहा कि श्री कल्लाजी वेदपीठ द्वारा आयोजित धार्मिक अनुष्ठान सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 21वां कल्याण महाकुंभ श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य का अवसर है, जहां शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ महाराज के श्रीमुख से श्री लिंग महापुराण कथा का श्रवण हो रहा है। कार्यक्रम में वेदपीठ के न्यासियों एवं पदाधिकारियों ने व्यासपीठ का पूजन किया तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया।
वहीं शुक्रवार रात्रि आयोजित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिष्ठित कवियों ने वीर रस, राष्ट्रभक्ति, हास्य, श्रृंगार और ओजपूर्ण रचनाओं से वातावरण को भावविभोर कर दिया। इंदौर के मुकेश मौलवा, इटावा के राम भदावर, वाराणसी की प्रियंका राय, आगरा के सचिन सारंग एवं सचिन दीक्षित, गाजियाबाद के मोहित शौर्य, अंशुमान आजाद और जया धनगर वेदा सहित अनेक कवियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
दीपक पारीक ने मेवाड़ के शौर्य का वर्णन करते हुए वीरता का संदेश दिया, जबकि सचिन सारंग ने सामाजिक एकता और जातिगत भेदभाव समाप्त करने का आह्वान किया। अंशुमान आजाद ने राजस्थान की वीर परंपरा का ओजपूर्ण वर्णन किया और प्रियंका राय ने वीर कल्लाजी के अदम्य साहस पर आधारित रचना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। मोहित शौर्य की जोशीली प्रस्तुति ने भी श्रोताओं में नया उत्साह भर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति पर कथा मंडपम देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
महाकुंभ के तहत रविवार रात्रि को श्री कल्याण संकीर्तन के अंतर्गत भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा। इसमें रतलाम के जीतू धोरा, कुचामन सिटी के मुकेश पुरोहित, चित्तौड़गढ़ की माही जोशी तथा कल्याण नगरी के अखिलेश ठाकुर अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियां देंगे।