नीमच। मध्यप्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए नीमच स्थित एक निजी सीमेंट संयंत्र में 1 लाख 16 हजार 941 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से नष्टीकरण किया। इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 1 अरब रुपये से अधिक आंकी गई है। प्रदेश के इतिहास में यह मादक पदार्थों के नष्टीकरण की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
इस विशेष अभियान की निगरानी रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल और उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन ने की। इस दौरान नीमच, मंदसौर, देवास एवं शाजापुर के पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीमेंट संयंत्र परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
प्रदेश के विभिन्न जिलों के मालखानों से जब्त मादक पदार्थों को करीब 20 ट्रकों में कड़ी सुरक्षा के बीच नीमच लाया गया। इनमें एमडी, स्मैक, ब्राउन शुगर, डोडाचूरा, गांजा, चरस तथा बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं शामिल थीं, जिन्हें एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न प्रकरणों में जब्त किया गया था।
पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए पूरे मादक पदार्थों के भंडार को सीमेंट फैक्ट्री के हाई-टेम्परेचर बॉयलर में निर्धारित तापमान पर नष्ट किया गया, जिससे पर्यावरण पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, नशीले पदार्थों की जब्ती और उनका वैज्ञानिक तरीके से नष्टीकरण आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।