नीमच। जिले में ग्राम पंचायतों पर लगे विकास कार्यों पर से प्रतिबंध हटाने के लिए आज कलेक्टर कार्यालय पर राष्ट्रीय सरपंच संघ द्वारा कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया गया। ग्राम पंचायतों से निर्वाचित सरपंच द्वारा ज्ञापन में कहा गया है कि हमें ग्रामीणों ने विकास कार्यों को अंजाम देने के लिए चुना है। हम जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और जिले को राज्य में अग्रणी बनाने का प्रयास भी कर रहे हैं। लेकिन फरवरी 2025 से ग्राम पंचायतों में अन्य विकास कार्य जैसे कच्चे रास्तों का पक्कीकरण, कूप निर्माण, नंदन फलोद्यान, सीसी रोड आदि नहीं हो पा रहे हैं। मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी व सामग्री भुगतान भी रुका हुआ है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।यदि इसी तरह हम शासन की योजनाओं को लागू नहीं कर पाएंगे, तो ग्रामीणों का सरपंचों से विश्वास उठ जाएगा और आगामी अभियान भी प्रभावित होंगे।सरपंचों को केवल 20 कार्यों तक सीमित करना व्यावहारिक नहीं है। सरपंचों ने बताया कि प्रदेश स्तर पर हमें संघ के पदाधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया है कि 20 कार्यों की सीमा केवल नीमच जिले में ही लागू की गई है, जबकि राज्य स्तर से यह बंधन शिथिल किया जा चुका है। डिप्टी कलेक्टर रश्मि श्रीवास्तव को दिए गए ज्ञापन में सरपंचों द्वारा मांग की गई है कि नीमच जिले में अन्य विकास कार्यों पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और ग्राम पंचायतों को अन्य कार्यों की अनुमति प्रदान की जाए, जिससे हम अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।