BREAKING NEWS
KHABAR : कर्बला में उमड़ा आस्था का सैलाब, तीजा पर.. <<     BIG REPORT : 23 साल पुराने जर्जर शेड पर बने 1.77 करोड़ के.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : राजधानी में 3 बाघों की एंट्री से दहशत, सड़क.. <<     रेवली-देवली में मां महिषासुर मर्दिनी के.. <<     BIG NEWS : ईमानदारी की मिसाल- चाय बेचने वाली महिला.. <<     KHABAR : कुकड़ेश्वर में मेघों की मेहरबानी, झमाझम.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     JOB : युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, जुलाई माह की इस.. <<     REPORT : मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कलेक्टर.. <<     KHABAR : वोट मुझे नहीं दोगे तो किसको दोगे, फिर.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : महिषासुर मर्दिनी माता के दरबार में भक्त.. <<     KHABAR : शहडोल में गरजा बुलडोजर, इन्द्रा चौक से.. <<     BIG NEWS : मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी में गूंजी मन.. <<     छतरपुर के राजनगर में सो रहे बुजुर्ग की गला.. <<     खरगोन के झिरन्या में ब्लड बैंक शुरू, राज्यपाल.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने बच्चों को पिलाई पोलियो की.. <<     BIG NEWS : वीर भारत न्यास विवाद पर सियासत तेज,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 29, 2025, 11:11 am
BIG NEWS : क्या भारत आज भी बाबा आदम के ज़माने में जी रहा है? नीमच तहसील का रातड़िया गांव खोल रहा तमाम दावों की पोल, दुश्वार हो रहा बुजुर्गों का घर से निकला, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। क्या भारत आज भी बाबा आदम के ज़माने में जी रहा है? नीमच तहसील का रातड़िया गांव, खासकर उसका बावरी मोहल्ला, इस सवाल का सबसे भयावह जवाब है! यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को अभिशप्त हैं, जहां हर कदम मौत से कम नहीं है और हर सांस गंदगी के ज़हर से सनी है। सोचिए, जहां बच्चे स्कूल जाने के लिए कीचड़ के दलदल से होकर गुजरते हैं, बुजुर्गों का घर से निकलना भी किसी कुश्ती लड़ने से कम नहीं। पूरा मोहल्ला कीचड़ में इस कदर धंसा है कि यहां पैदल चलना या वाहन चलाना, किसी दुःस्वप्न से कम नहीं। बदबू और गंदगी का ऐसा अंबार है कि हर पल दम घुटने का एहसास होता है। क्या यही है विकसित भारत की तस्वीर? 
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाए, लेकिन सरपंच और सचिव ने उनकी एक न सुनी। उल्टा उन्हें मुंह पर कह दिया गया, जो करना है कर लो, रोड नहीं बनेगा! यह केवल एक बयान नहीं, यह उन असहाय लोगों के सपनों पर मारा गया सबसे क्रूर थप्पड़ है, जो बस एक अदद सड़क मांग रहे हैं। क्या सरकारी नुमाइंदे इतने बहरे हो गए हैं कि उन्हें इन चीखती आवाज़ों का दर्द सुनाई नहीं देता?अब ग्रामीणों का सब्र टूट गया है। उन्होंने साफ़ कह दिया है, ष्अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इस बार चुनाव में एक भी वोट नहीं देंगे! क्या प्रशासन और विधायक को इस खुली चेतावनी के मायने समझ में आते हैं? क्या उन्हें नहीं लगता कि अब बहुत हो चुका? बच्चे, बूढ़े, जवान, सब अपनी जेब से पैसा लगाकर गड्ढे भर रहे हैं, ताकि किसी तरह आने-जाने का रास्ता बन सके। सवाल ये है क्या कोई है, जो रातड़िया के बावरी मोहल्ले की इस चीखती-चिल्लाती हकीकत पर ध्यान देगा? या ये लोग यूं ही नरक में जीने को अभिशप्त रहेंगे?

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE