नीमच। वस्त्र व्यवसाय कल्याण समिति द्वारा स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को घंटाघर श्रीराम चौक पर ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर संजय जोशी ने ध्वजारोहण किया। समारोह में बड़ी संख्या में वस्त्र व्यवसायी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रोफेसर संजय जोशी ने कहा कि भारतीय प्राचीन संस्कृति ने पूरे विश्व को मार्गदर्शन प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि धातु विज्ञान, शल्य चिकित्सा, औषधि ज्ञान, शिल्प कला, वनस्पति विज्ञान, गुरुकुल शिक्षा एवं संस्कार तथा लघु उद्योग प्रणाली जैसे अनेक क्षेत्रों में भारत के ऋषि-मुनियों और विद्वानों ने महत्वपूर्ण ज्ञान दुनिया को दिया।
उन्होंने प्राचीन भारत की व्यापारिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय व्यापारी औषधि, गर्म मसाले, स्टील और कपड़े सहित विभिन्न सामग्री का विश्व के अनेक देशों में व्यापार करते थे। इसके बदले भारत को बड़ी मात्रा में सोना प्राप्त होता था, जिसके कारण भारत को कभी ‘सोने का समुंदर’ कहा जाता था।
प्राचीन न्याय व्यवस्था और गुरुकुल पर रखे विचार
प्रो. जोशी ने कहा कि प्राचीन समय में गांवों में न्याय की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर ही होती थी। पांच पंच मिलकर छोटे-बड़े विवादों का निष्पक्ष निर्णय करते थे। उन्होंने कहा कि पंचों की व्यवस्था में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की भागीदारी होती थी, जिससे न्याय व्यवस्था में निष्पक्षता बनी रहती थी।
उन्होंने गुरुकुल शिक्षा प्रणाली के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारतीय शिक्षा एवं संस्कार व्यवस्था का अपना विशिष्ट स्थान रहा है।
प्रो. जोशी ने भारत के प्राचीन व्यापार का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास के कुछ पहलुओं को सही रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने वास्को-डी-गामा के भारत पहुंचने से जुड़े प्रचलित इतिहास पर भी अपने विचार रखे और गुजरात के भरूच के कानजीमालजी भाई का उल्लेख किया।
मां सरस्वती की पूजा के बाद हुआ ध्वजारोहण
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि प्रो. संजय जोशी ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में अतिथियों का शॉल एवं मोती की माला पहनाकर सम्मान किया गया।
समिति के प्रवक्ता मुकेश पार्टनर ने बताया कि कार्यक्रम में संरक्षक जिनेंद्र डोसी, अध्यक्ष शैलेंद्र तोलानी, सचिव गौरव पारीक, उपाध्यक्ष योगेंद्र गोयल डोलू सहित बड़ी संख्या में वस्त्र व्यवसायी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन किया गया तथा अंत में दीपक पारवानी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।