नीमच। सिटी रोड स्थित बगीचे में विकसित की जा रही नक्षत्र वाटिका में पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 सुरेशानंद शास्त्री के कर कमलों से किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, “मेरे गुरु मुझे भागवत कथाकार बनाना चाहते थे, लेकिन आयुर्वेद और वनोषधियों के प्रति रुचि ने मुझे इस क्षेत्र में सेवा का मार्ग दिखाया। आज मुझे संतोष है कि मैं असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा से राहत दे पा रहा हूं।
गुरुजी ने कहा कि प्रत्येक मोहल्ले और कॉलोनी में पांच-पांच औषधीय पौधे यदि लगाए जाएं, तो उनके संरक्षण और उपयोग से समाज को कई बीमारियों से राहत मिल सकती है। रुद्राक्ष और अमलतास के पौधों के साथ नक्षत्र वाटिका का शुभारंभ किया गया। उन्होंने नक्षत्रों, राशियों और संबंधित वनस्पतियों के वैज्ञानिक समन्वय की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि संतोष चौपड़ा ने नगर पालिका से वाटिका के विकास में सहयोग की बात कही। आरोग्य भारती जिला अध्यक्ष अजय भटनागर ने वाटिका की परिकल्पना पर प्रकाश डाला और डॉ. आशीष जोशी ने बताया कि यह वाटिका शास्त्रीय मान्यताओं पर आधारित होकर एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होगी। अतिथियों का स्वागत पारस जैन, किशोर बागड़ी, डॉ. आशीष जोशी, मीना जायसवाल, गोपालसिंह राठौड़, घीसालाल जोशी, बालकृष्ण सोलंकी, और डॉ. संजय जोशी ने किया। गुरूजी को अंगवस्त्र भेंट कर राजेंद्र जारोली, नवीन अग्रवाल, डॉ. आशीष सोनी, रमेश मोरे, सी.के. शर्मा ने सम्मानित किया।
आभार संस्था के संरक्षक नवीन अग्रवाल ने व्यक्त किया और संचालन ओमप्रकाश चौधरी ने किया। कार्यक्रम में ज्ञानू व्यास, लक्ष्मी प्रेमाणी, ममता तिवारी, अनील डबकरा, राजेश जायसवाल, पारस नागोरी, उमरावसिंह गुर्जर सहित अनेक आयुर्वेद प्रेमी उपस्थित रहे।