देवास। जल को बचाएं जीवन को बचाएंष्, ष्जब तक जल सुरक्षित है तब तक कल सुरक्षित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में “जल गंगा सवंर्धन अभियान” 30 जून तक संचालित किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत देवास जिले की जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत लोहार पीपल्या के किसान सत्यनारायण पटेल ने शासन की योजना का लाभ लेकर डग वेल रिचार्ज पिट का निर्माण करवाया है। डग वेल रिचार्ज पिट के निर्माण से जहां बारिश के दिनों में पानी संग्रहित होगा, वहीं दूसरी ओर इसके पानी से सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा और किसान सत्यनारायण पटेल साल में अन्य फसलें भी ले सकेंगे।
कृषक सत्यनारायण पटेल ने बताया कि रिचार्ज के बनने और रंग रोगन होने से अब ग्राम के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गया है। इस रिचार्ज पिट के निर्माण से कूप के जलस्तर में वृद्धि होगी। रिचार्ज पिट में बारिश के पानी को इकट्ठा किया जाता है। यह पानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर चला जाता है। यह प्रक्रिया भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे कुएं, बोरवेल और हैंडपंप जैसे जल स्रोत सूखते नहीं हैं और उनमें पानी की उपलब्धता बनी रहती है।
कृषक पटेल ने बताया कि रिचार्ज पिट बनने पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहते कि पहले सिंचाई के लिए पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहना पड़ता था, परंतु अब कम बारिश होने पर भी इस तालाब में संग्रहित जल से फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। पानी की उपलब्धता होने से पारंपरिक फसलों के अलावा सब्जियां एवं फल जैसी अधिक मूल्यवान फसलों को भी उगा सकेंगे। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। इसके बन जाने से किसान सत्यनारायण पटेल बहुत खुश हैं तथा शासन के इस महत्ती अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जल गंगा संवर्धन अभियान जन-जन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। देवास जिले में विगत तीन माह से जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नये तालाब बनाये जा रहे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णाेद्धार भी किया जा रहा है। नदियों को साफ-स्वच्छ एवं जल एकत्रित करने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। “जल” जीवन का अभिन्न अंग है, इसके बिना न तो कृषि संभव है, न ही उद्योग, और न ही हमारी दैनिक आवश्यकताएँ पूरी हो सकती हैं। जल का संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। इसके साथ ही पौधारोपण भी किया जा रहा है।