रतलाम। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर अशोकनगर में दर्ज एफआईआर का रतलाम कांग्रेस ने विरोध किया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा सरकार की तानाशाही बताया। सोमवार दोपहर शहर कांग्रेस कमेटी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही गई। कांग्रेस नेता पारस सकलेचा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दबाव में प्रशासन ने पीड़ित परिवार से शपथ पत्र दिलवाया और बिना जांच थ्प्त् दर्ज कर दी। नेताओं ने कहा, पटवारी पर झूठे आरोप लगाए गए हैं, जबकि सारे वीडियो और सबूत पहले से मौजूद हैं। एक शपथ पत्र के आधार पर केस दर्ज करना लोकतंत्र के खिलाफ है। भाजपा सरकार पीड़ितों की आवाज दबा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह भाजपा की तानाशाही सोच को दिखाती है। यह लोकतंत्र पर काला धब्बा है। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ी तो हम कोर्ट भी जाएंगे। दरअसल, अशोकनगर जिले के मूड़रा बरवाह गांव में 10 जून को गजराज लोधी और रघुराज लोधी ने आरोप लगाया था कि गांव के सरपंच के पति और उनके साथियों ने उनकी बाइक छीनी, मारपीट की और मानव मल खाने के लिए मजबूर किया। दोनों पीड़ितों ने 10 जून को जनसुनवाई में अशोकनगर कलेक्टर से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 25 जून को पीड़ितों ने ओरछा में जीतू पटवारी से मुलाकात की। पटवारी ने अशोकनगर कलेक्टर से फोन पर बात कर 8 दिन में कार्रवाई की मांग की थी। अगले दिन यानी 26 जून को पीड़ितों ने शपथ पत्र देकर कहा कि उन्होंने पटवारी के कहने पर झूठे आरोप लगाए थे। इसके आधार पर मुंगावली पुलिस ने उसी दिन जीतू पटवारी पर थ्प्त् दर्ज कर ली। निष्पक्ष जांच- 10 जून की शिकायत और 26 जून के शपथ पत्र दोनों की जांच की जाए। यह पता लगाया जाए कि पीड़ितों पर क्या दबाव था। एफआईआर रद्द हो- पटवारी पर दर्ज एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए। जवाबदेही तय हो-मुंगावली पुलिस की भूमिका की जांच हो। अधिकारियों पर सत्ताधारी दल के दबाव में काम करने का आरोप है। पीड़ितों को सुरक्षा मिलेरू ताकि वे बिना डर के सच्चाई सामने रख सकें। कांग्रेस ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी और लोकतंत्र को कमजोर नहीं होने देगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शैलेंद्रसिंह अठाना, शांतिलाल वर्मा, यास्मिन शैरानी, राजीव रावत, मोहम्मद सलीम बागवान और बसंत पंड्या सहित कई नेता मौजूद रहे।