रतलाम। खिवनी में आदिवासी समुदाय के घरों पर वन विभाग द्वारा बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
आदिवासी कांग्रेस ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार मनोज चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि वन विभाग ने जंगल में निवास करने वाले आदिवासी परिवारों के मकानों को अतिक्रमण बताकर असंवैधानिक रूप से तोड़ा है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रदेश में आदिवासी समुदाय पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पारंपरिक वन निवासियों को जमीन से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है।
सरकार पर पूंजीपतियों को संरक्षण देने का आरोप
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान भाजपा सरकार सिर्फ पूंजीपतियों, उद्योगपतियों और ठेकेदारों को संरक्षण दे रही है। जबकि जंगलों के असली संरक्षक आदिवासी समुदाय को उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि यह षड्यंत्र आदिवासी कांग्रेस सहन नहीं करेगी। उन्होंने वन विभाग के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की और 12 बिंदुओं वाला ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में ये नेता रहे शामिल
इस मौके पर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव लक्ष्मणसिंह डिंडोर, जिलाध्यक्ष किशन सिंगाड़, पूर्व जनपद सदस्य मांगीलाल मालवीय और जनपद सदस्य पीरु जाट समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।