चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर्यावरण संरक्षण गतिविधि,एकल अभियान, पद्मावती सेवा संस्थान,नरसिंह मित्र मंडल एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विजयपुर वन क्षेत्र में विभिन्न प्रजाति के 2100 पौधों का रोपण मात्र 2 घंटे में किया गया। यह जानकारी देते हुए एकल अभियान के उदय लाल जटिया ने बताया कि विजयपुर वन क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सह प्रांत संयोजक धर्मपाल गोयल,जिला प्रचारक त्रिलोक, एकल अभियान के जितेंद त्रिपाठी, संजय शर्मा, पद्मावती सेवा संस्थान के बसंत गोयल आदि के नेतृत्व में तथा वन विभाग के सहायक वनपाल मनोज सिंह चौधरी, मेघराज तथा तुलसा प्रजापत के सानिध्य में एक पेड़ अपनों के नाम परष् की थीम पर 2100 पौधों का रोपण किया गया। जिनमे नीम,पीपल, बरगद,कचनार, शहतूत,जामुन, केसिया श्याम, बोगन बेलिया, चमेली,चंपा, हारसिंगार, बम्बूल, आम, बेर, शहतूत, पारस पीपल, करंज,गूलर, अर्जुन आदि औषधीय फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण 2 घंटे के समय में किया गया। सर्वप्रथम वृक्षारोपण गांव के समाजसेवी दंपत्ति गोयल परिवार के शिवनारायण गोयल,उषा देवी गोयल ने विजयपुर क्षेत्र के संत वैष्णव दास जी महाराज की पुण्यतिथि में पांच पौधे पीपल के लगाकर किया। उसके उपरांत समाज के विभिन्न लोगों ने अपने दिवंगत पूर्वजों के नाम पर पौधे लगाकर किया। सभी ने बड़े उत्साह के साथ बंद बाउंड्री के अंदर 2100 पौधों का रोपण किया जिनकी देखभाल का जिम्मा भी उठाने का संकल्प किया है। साथ ही गांव के विभिन्न वर्गों के लोगों के अंदर भी वृक्षारोपण को लेकर उत्साह रहा गोयल परिवार ने सोनी परिवार ने अपने पुरखों के नाम पर माता-पिता के नाम पर वृक्षारोपण किया। वही अन्य लोगों ने भी इसी प्रकार जन्म दिवस पर पुण्य स्मृति में वृक्षारोपण का संकल्प लिया इसके उपरांत एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें एकल अभियान के संजय शर्मा ने उपस्थित अतिथियों का ऊपरना ओढा कर वृक्षारोपण के पुनीत कार्य के लिए अभिनंदन किया। वहीं प्रांत संयोजक धर्मपाल ने वृक्षारोपण का महत्व बताते हुए कई पौराणिक उदाहरण दिए उन्होंने वृक्षारोपण को अति पवित्र कार्य बताते हुए पृथ्वी को बचाने वाला कार्य कहा। जिला प्रचारक त्रिलोक ने संपूर्ण जिले में सघन वृक्षारोपण का आह्वान किया।
वही वन विभाग के सहायक वनपाल मनोज सिंह चौधरी ने कहा कि इस प्रकार सामाजिक संगठन हमारे साथ जुड़ेंगे तो हम हमारे कार्य को और गति के साथ कर पाएंगे। वहीं वन वनरक्षक मेघनाथ ने जैव विविधता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार जानवर एक दूसरे पर आश्रित है। उन्होंने वन क्षेत्र में सुखे ठूठ का महत्व बताते हुए कहा कि वन के लिए सूखी लकड़ी भी बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि उसमें दीमक होते हैं दीमक को खाने के लिए तीतर बटेर जैसे जानवर आते हैं और उनको खाने के लिए अन्य मांसाहारी जीव उत्पन्न होते हैं अतः जंगल में हर चीज महत्वपूर्ण है जंगल बचाना आवश्यक है।उपस्थित लोगों को नर्सरी बनाने के संबंध में वनरक्षक तुलसा प्रजापत ने प्रेरित किया। कार्यक्रम में समाजसेवी शिवनारायण गोयल, उषा देवी गोयल, भवानी सिंह, प्रमोद, सुनील गर्ग, चंचल अग्रवाल, नीतू गोयल, मंशा गोयल, गोविंद सोनी, जितेंद्र त्रिपाठी, महिपाल सिंह चुंडावत, दिनेश भील, नमन गोयल, कालू लाल सेन, सहित एकल अभियान के 100 कार्यकर्ता ओर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।