नीमच। समीपस्थ राज्य राजस्थान के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ईंट-भट्ठों से फैल रहे प्रदूषण को मद्देनजर रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के अनुसार राजस्थान में 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2025 तक सभी ईंट भट्ठों का संचालन बंद रहेगा। इसके बाद ईंट-भट्ठों का संचालन 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक किया जा सकेगा। राजस्थान की तर्ज पर एमपी की मोहन सरकार भी इस दिशा में बड़ा निर्णय लेने जा रही है। आगामी दिनों में मोहन सरकार भी बड़ा आदेश जारी कर सकती है। वहीं सरकार लाल व काली ईंटों की जगह एएसी ब्लॉक के इस्तेमाल पर भी जोर दे रही है, ताकि प्रदेश की जनता को प्रदूषण से बचाया जा सके।

वर्ष में केवल 6 माह के लिए होगा संचालन-
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनीतवाल ने बताया कि नए आदेश के तहत अब ईंट-भट्ठों का संचालन वर्ष में केवल 6 माह के लिए ही अनुमत होगा, जबकि पहले यह अवधि 9 माह थी। इस निर्णय का उल्लंघन करने वाले भट्ठा संचालकों पर सख्त कार्रवाई व जुर्माना लगाया जाएगा।

राजस्थान में 5 हजार ईंट-भट्ठों का संचालन-
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 5000 ईंट-भट्ठे संचालित हो रहे हैं, जिनमें से 250 से अधिक भीलवाड़ा जिले में स्थित हैं। इन भट्ठों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से आए श्रमिक काम करते हैं। नए आदेश से इन श्रमिकों के रोजगार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
भट्ठों को विनियमित करने की प्रक्रिया तेज
उल्लेखनीय है कि एनजीटी के 24 जनवरी 2024 के आदेश के बाद राज्य में बड़े समूहों में संचालित भट्ठों को विनियमित करने की प्रक्रिया तेज हुई थी। इसके तहत 22 जनवरी 2025 को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आदेश जारी कर 30 जून के बाद भट्ठों को बंद रखने के निर्देश दिए थे।
