मनासा। जिले के कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बच्चा खेड़ी में सोमवार रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। समय पर 108 जननी एक्सप्रेस न मिलने और उचित चिकित्सा सुविधा के अभाव में एक गर्भवती महिला और नवजात की मौत हो गई।
मृतका की पहचान राधा बाई (35) पत्नी मुकेश ओड के रूप में हुई है। महिला को रात 8 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल जननी एक्सप्रेस को कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस करीब 2.30 घंटे बाद रात 10.30 बजे पहुंची। इसके बाद महिला को मनासा अस्पताल लाया गया, जहां से देर रात नीमच रेफर कर दिया गया। नीमच में भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलने पर महिला को उदयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही प्रसूता और शिशु दोनों की मौत हो गई।
मृतका के पति मुकेश ओड ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, जिससे वे खुद वाहन की व्यवस्था नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि बार-बार कॉल करने पर भी एंबुलेंस समय पर नहीं आई। नीमच में यदि तुरंत ऑपरेशन हो जाता, तो शायद पत्नी या बच्चा बच जाता।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. बी.एल. भायल ने बताया कि मनासा अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद महिला को नीमच रेफर किया गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि 108 एंबुलेंस की लेटलतीफी की शिकायतें पूर्व में भी मिल चुकी हैं।
कुकड़ेश्वर थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां मेडिकल कॉलेज खुलने के बावजूद मरीजों को आज भी राजस्थान रेफर किया जा रहा है।