रतलाम। जिले के शिवपुर गांव के वार्ड-16 के रहवासी मंगलवार को अपने बच्चों को साथ लेकर सड़क की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। बारिश में कीचड़ भरी सड़क से परेशान ग्रामीणों का आरोप था कि बच्चों को स्कूल तक जाने में दिक्कत हो रही है, यहां तक कि स्कूल वाले उन्हें आने भी नहीं दे रहे।
ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने कलेक्टर से मिलने की जिद की। कलेक्ट्रेट परिसर में करीब एक घंटे तक भूखे-प्यासे जमीन पर धरने पर बैठे रहे। कलेक्टर राजेश बाथम जनसुनवाई में मौजूद थे, लेकिन ग्रामीणों से नहीं मिले। इससे नाराज होकर बच्चों ने कलेक्टर साहब बाहर आओ के नारे लगाए।
बाद में कुछ बच्चे और उनके अभिभावक कलेक्टर चौंबर तक जा पहुंचे, लेकिन वहां सुरक्षा बल और स्टाफ ने रोक दिया। काफी देर बाद तीन-चार बच्चों और कुछ ग्रामीणों को चौंबर में बुलाया गया।
इस दौरान तहसीलदार पिंकी साठे और जिला पंचायत सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया और गांव चलने की बात कही, लेकिन ग्रामीण कलेक्टर से मिलने पर अड़े रहे। जब मीडिया ने कलेक्टर से संपर्क करना चाहा, तो उन्होंने जिला पंचायत सीईओ के जरिए जवाब भिजवाया।
सीईओ ने बताया कि वार्ड-16 की सड़क मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास संगठन की ष्मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना में पहले से शामिल है। यहां 3 मीटर चौड़ी सीसी सड़क बनेगी। शासन से बजट आते ही काम शुरू होगा, फिलहाल मुर्रम डलवाने का कार्य किया जा रहा है।
बच्चों ने कहा, हमें सिर्फ कलेक्टर से ही मिलना है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अन्य जगह सीसी रोड बन चुकी है, लेकिन उनके मोहल्ले को नजरअंदाज किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने 2021 से लेकर अब तक कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अंतः चौंबर में मुलाकात के बाद सभी ग्रामीण लौट गए।