नीमच। जिले के गांधीसागर डूब क्षेत्र के ग्राम धर्मपुरी के देवीलाल माली ने नीमच कलेक्टर को एक आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि सर्वे नंबर 453 को धोखाधड़ी से अदालत भवन निर्माण के लिए अधिग्रहित कर लिया गया है। जबकि इसके लिए पहले से ही अन्य शासकीय भूमि (सर्वे नंबर 456/2) आवंटित थी।
माली ने बताया कि उन्होंने अपनी 15.123 रकबा भूमि पर पिछले 50 वर्षों से कड़ी मेहनत कर उसे उपजाऊ बनाया था। उन्होंने पत्थर हटवाकर, मिट्टी डलवाकर, खाद डालकर और 2 लाख रुपये की लागत से कुआं खोदकर भूमि को सिंचित किया था। उनकी भूमि पर 550 से अधिक फलदार वृक्ष अमरूद, आम, जामुन, नींबू, संतरा, पपीता, नीम और अन्य विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगे हुए थे। साथ ही परिवार के रहने के लिए कच्चे मकान भी बने हुए थे, जिनमें उनके पुत्र निवास करते थे। इस कार्रवाई से माली के 19 सदस्यीय परिवार की आजीविका छिन गई है और उन्हें लगभग 50 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
माली का आरोप है कि यह सब तब हुआ जब मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में उनकी एक रिट याचिका लंबित थी। देवीलाल माली ने अपनी शिकायत में सर्वे नंबर 453 की भूमि को न्यायालय भवन के लिए अनुपयुक्त बताया है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को एक साजिश करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर से 50 लाख रुपये के आर्थिक नुकसान की भरपाई और अन्य मांगें की है।