खनियांधाना। नगर के वार्ड नंबर 8 में नवनिर्मित सीसी रोड और नालियों की बदहाली ने स्थानीय निवासियों का गुस्सा भड़का दिया है। इस घटिया निर्माण कार्य को लेकर अब सीधे तौर पर ठेकेदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और नगर परिषद अध्यक्ष पर सवाल उठ रहे हैं। वार्ड वासियों का आरोप है कि निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और लापरवाही बरती गई है, जिसकी कीमत आम जनता चुका रही है।
वार्ड वासियों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा किया गया कार्य इतना निम्न स्तर का है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद जगह-जगह से चटकने लगी है और उखड़ने लगी है। नालियों की स्थिति तो और भी दयनीय है; कई जगह तो पटिए डाले ही नहीं गए, और जहाँ डाले भी गए, वे टूटकर बिखर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी किसकी थी और उसने अपनी भूमिका क्यों नहीं निभाई?
स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि सीएमओ और नगर परिषद अध्यक्ष की मिलीभगत या घोर लापरवाही के बिना इतनी घटिया गुणवत्ता का काम संभव नहीं है। ष्जब सड़क और नालियां बन रही थीं, तब क्या वे सो रहे थे? उन्हें इसकी निगरानी करनी चाहिए थी!ष् एक आक्रोशित वार्ड निवासी ने कहा। बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी भर जाने और नालियों के खुले होने से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। कई बच्चे खुले नालियों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जिससे अभिभावकों में दहशत का माहौल है।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से ठेकेदार की मनमानी, सीएमओ की उदासीनता और नगर परिषद अध्यक्ष की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगाती है। वार्ड वासियों ने मांग की है कि इस घटिया निर्माण की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए, और सीएमओ व नगर परिषद अध्यक्ष की भूमिका की भी जांच हो तथा उन पर उचित कार्रवाई की जाए। अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वार्ड वासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।