चित्तौड़गढ़। बेगू पंचायत समिति की अनोपपुरा ग्राम पंचायत में 02 जुलाई को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा के तहत बहुविभागीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में तहसील बेगूँ के धामंचा ग्राम के दो गरीब लेकिन आशा से भरे परिवारों की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त हुई।
लाभार्थी श्रीलाल पुत्र रामलाल निवासी धामंचा एवं भैरूलाल पुत्र शंकरलाल निवासी धावडाकुड़ी (धामंचा) को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। वर्षों से अपने पुश्तैनी जमीन पर जीवन बिता रहे इन परिवारों के पास अधिकारिक दस्तावेज नहीं थे। यह स्थिति उनके लिए न केवल असुरक्षा की भावना का कारण बनती थी, बल्कि किसी भी सरकारी योजना से जुड़ पाने में भी बाधा थी।
पखवाड़ा शिविर के दौरान विकास अधिकारी सुरेशगिरी गोस्वामी (पंचायत समिति, बेगूँ) के हाथों से जब उन्हें उनके आवास का पट्टा सौंपा गया, तब दोनों परिवारों की आँखों में आभार और संतोष के आँसू थे। यह केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं था, बल्कि उनके लिए सम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता का प्रमाण था।
श्रीलाल ने बताया, "हमने कभी सोचा नहीं था कि सरकारी सहायता इतनी सहजता से मिलेगी। अब हम निश्चिंत होकर अपने आशियाने की मरम्मत कर सकेंगे और आने वाली पीढ़ी को कुछ सुरक्षित सौंप पाएंगे।"
वहीं, भैरूलाल ने भी भावुक स्वर में कहा, "यह पट्टा नहीं, हमारे वर्षों के संघर्ष की मान्यता है। अब हम भी योजनाओं में भागीदारी कर पाएंगे, बच्चों को अच्छा भविष्य दे पाएंगे।"
दोनों परिवारों ने इस ऐतिहासिक और मानवीय निर्णय के लिए राज्य सरकार, पंचायत समिति बेगूँ, एवं विशेष रूप से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया, जिन्होंने "सबका साथ, सबका विकास" को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित कर दिखाया है।