मंदसौर। महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी मंदसौर ने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर ही महिला अपराधों की जानकारी प्राप्त करना और अपराध घटित होने से पूर्व ही उसे रोकने के उद्देश्य से किशोरी बालिकाओं व महिलाओं को एक दल में संगठित कर मध्यप्रदेश के जिलों के ग्राम, वार्ड स्तर की आंगनवाडी क्षेत्र में शौर्यादलों का गठन किया गया। जिसमें आंगनवाडी क्षेत्र की 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग की बालिका/महिलांए सदस्य होती है। सामुदायिक स्तर पर शौर्यादल एक महत्वपूर्ण ईकाई है, साथ ही यह दल किशोरियों की भागीदारी एवं उनके क्षमतावर्धन के लिए भी एक प्रभावी मंच है, इसको ध्यान में रखते हुए महिला बाल विकास विभाग म०प्र० के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास जिला मंदसौर के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर शौर्यादल मास्टर ट्रेनर्स कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन 27 जुन एवं 28 जून 2025 को दो बेच में जनपद पंचायत मंदसौर के सभाहाल में किया गया। जिसमें जिले की समस्त 9 परियोजना से 45 चयनित, प्रत्येक परियोजना मे 5-5 बालिकाओं ने शौर्यादल के मास्टर ट्रेनर्म के रूप में भाग लिया एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया। मास्टर ट्रेनर्स को ममता फाउडेशन यूनिसेफ में जिले में पदस्थ जिला समन्वय सौनिक मिश्रा, पूजा चौहान बाल संरक्षण अधिकारी महिला बाल एवं परियोजना अधिकारी मनोज कुमार दुबे मंदसौर ग्रामीण 1 व बी.आर मुजाल्दे परियोजना अधिकारी मंदसौर शहर द्वारा विस्तार में प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।