नीमच। शहर की थोक व फुटकर सब्जी मंडी बदहाली का शिकार बनी हुई है। यहां गंदगी, कीचड़, टूटी सड़कों, अव्यवस्थित पार्किंग और आवारा मवेशियों की भरमार है, जिससे व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा द्वारा सब्जी मंडी को आधुनिक रूप देने का वादा महज कागजों तक सिमट कर रह गया है। मौके पर न तो सफाई व्यवस्था दिखती है और न ही कोई ठोस विकास कार्य। मंडी क्षेत्र की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बारिश के दौरान कीचड़ के कारण व्यापार प्रभावित होता है और किसानों की सब्जियाँ खराब हो जाती हैं।
व्यापारियों के अनुसार, थोक सब्जी मंडी में हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। आवारा मवेशी न सिर्फ सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि लोगों के लिए खतरा भी बने हुए हैं। दूसरी ओर, पॉलीथिन मुक्त मंडी का अभियान भी पूरी तरह विफल रहा है- पॉलीथिन का उपयोग अब भी खुलेआम हो रहा है।
तिक्रमण भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। विक्रेता मनमाने ढंग से ठेले, बिछौने और अन्य सामान लगाकर रास्तों को बाधित कर रहे हैं। मंडी के पिछले रास्ते पर भी अव्यवस्था चरम पर है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है।
बीते दिन नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति, व्यापारियों की अपील पर सब्जी मंडी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन, खासतौर से अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा पर निशाना साधते हुए कहा कि,
नगरपालिका अध्यक्ष केवल प्रचार और सुर्खियों में बने रहने तक सीमित हैं। निरीक्षण तो होते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर न कोई सफाई हुई, न कोई विकास। मंडी का आधुनिकीकरण सिर्फ भाषणों और कागजों में है। प्रजापति ने सब्जी मंडी की दुर्दशा को जनविरोधी रवैये का परिणाम बताया और शीघ्र सुधार की मांग की है। व्यापारियों और किसानों ने भी मांग की है कि मंडी की स्थिति सुधारने के लिए प्रशासन तत्काल ठोस कदम उठाए।