अशोकनगर। अर्थी को कीचड़ के बीच से निकालकर ले जाना पड़ा। अंतिम संस्कार में शामिल होने आए 250 लोगों में से आधे बिना अंतिम संस्कार किए ही लौट गए। खास रिश्तेदार भी करीब डेढ़ घंटे बाद मुक्ति धाम तक पहुंच सके। उसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
शव को ले जाते समय लोगों को अर्थी संभालना भी मुश्किल हुआ। वह जैसे ही अपना पैर आगे रखते तो वह कीचड़ में धंस जाता, जिसके बाद बमुश्किल दूसरे पैर को निकलते। जो लोग अर्थी को कंधे पर रखकर चल रहे थे उन्हें पूरे रास्ते अर्थी को गिरने से बचाना बड़ी चुनौती बनी रही।
सड़क के इतने बुरे हाल होने की वजह से आए दिन लोगों को परेशानी होती है। बहादुरपुर तहसील के गांव गीलारोपा गांव में बुधवार को हुआ। इसका वीडियो आज सामने आया है।
शवयात्रा में शामिल नहीं हो सके काफी लोग दरअसल 55 वर्षीय रामचरण कटारिया की बुधवार शाम मृत्यु हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार के लिए शव को मुक्तिधाम ले जाया जा रहा था। मुक्तिधाम गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। शवयात्रा में करीब 250 लोग शामिल हुए लेकिन रास्ते में कीचड़ होने के कारण आधे से ज्यादा लोगों को वापस लौटना पड़ा।
बेटा बोला-डेढ़ घंटे में मुक्तिधाम पहुंचे रिश्तेदार मृतक के पुत्र राजेश कटारिया ने बताया कि परिजन और करीबी रिश्तेदार ही मुश्किल से डेढ़ घंटे में मुक्तिधाम पहुंच पाए।
इस बारे में ग्राम पंचायत सचिव गौरव जैन ने बताया यह रास्ता खेतों के बीच से होकर गुजरता है। पहले यहां ग्रेवल सड़क थी। दो साल पहले जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी के निर्माण के दौरान कंपनी ने रास्ता खराब कर दिया। पंचायत ने कई बार कंपनी और पीएचई विभाग से रास्ता ठीक करने को कहा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण आज यह स्थिति बनी।