खरगोन। जिले के कसरावद में गायत्री परिवार द्वारा तीन वर्ष पूर्व नगर के गवला रोड़ स्थित प्रसिद्ध ईटई बैड़ी के पास एक पहाड़ी पर जन सहयोग से 2100 पौधों का रोपण किया गया था। आज तीन वर्ष में 20 बीघा की यह पहाड़ी हरियाली से पूर्णतः आच्छादित हो चुकी है। वर्षा ऋतु के इस मौसम में समर्पण गिरि की सुंदरता आमजन को बरबस ही आकर्षित कर रही है। नगर के सैलानी समर्पण गिरि की सुंदरता को निहारने और सुकून के दो पल बिताने यहां पहुंच रहे हैं।
समर्पण गिरि के माली एवं परिव्राजक संतोष पाटीदार ने बताया कि पर्यावरण प्रेमियों के लिए यहां राशि वाटिका, नक्षत्र वाटिका और नवग्रह वाटिका के आकर्षण के साथ ही एक सुंदर पोखर का निर्माण भी किया गया है। आसपास का पठारी नजारा और झिल तलैया समर्पण गिरि की सुंदरता में और भी चार चांद लगा देते हैं।
युवा कार्यकर्ता नरेंद्र कुशवाह बताते हैं कि पौधों की सुरक्षा के लिए पहाड़ी के चारों ओर तार फेंसिंग की गई है। वर्ष भर पौधों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल से पाईप लाईन कर ड्रीप लाईन बिछाई गई है। पौधों की देखभाल के लिए गायत्री परिवार के भाई बहन समय समय पर श्रमदान करते हैं।
गायत्री शक्तिपीठ के युवा सदस्य नमन शर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और हरीतिमा संवर्धन के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा वर्ष 2012 में वृक्ष गंगा अभियान शुरू किया गया था। इसी तारतम्य में कसरावद नगर में संकल्प पहाड़ी, श्रीराम वाटिका और समर्पण गिरि सहित ग्राम बामंदी, ओझरा, खामखेड़ा, पीपलगोन, मुलठान, दुर्गापुर और बामखल में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण के कार्यक्रम हुए हैं।
तहसील संयोजक मनोज यादव ने बताया कि गायत्री परिवार के प्रयासों से तहसील क्षेत्र में कुल 7500 से अधिक पौधे आज पेड़ बनकर लहलहा रहे हैं। गायत्री परिवार पर्यावरण आंदोलन के जिला प्रभारी मुकेश जाट ने बताया कि इसी तरह संपूर्ण जिले में वृक्ष गंगा अभियान के तहत एक लाख से अधिक पौधे अपनी सफलता की कहानी स्वयं बयां कर रहे हैं।
गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर रवि रंजन ने भी समर्पण गिरि का अवलोकन किया। पहाड़ी की सुंदरता और पौधों की उल्लेखनीय वृद्धि को देख उन्होंने गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की सराहना की। साथ ही पौधों की देखरेख के लिए भारतीय स्टेट बैंक की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।