भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर और उसके आसपास के इलाकों के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। खरमोर अभ्यारण में आने वाले हजारों किसानों की लंबे समय से जारी मांग पूरी कर दी गई है। खरमोर अभ्यारण के लिए डीनोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इससे 14 गांव के किसानों को राहत मिलेगी, वे अब अभ्यारण की जद में नहीं आएंगे।
बता दें कि इससे पहले 24 जून 1983 को अधिसूचित खरमोर अभयारण्य का क्षेत्रफल 348.12 वर्ग किलोमीटर था। अब डीनोटिफिकेशन के बाद 215.2872 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि को आरक्षित क्षेत्र से बाहर कर दिया गया है। अब केवल 132.8344 वर्ग किलोमीटर वन भूमि ही अभ्यारण्य का हिस्सा रहेगी, जिसमें सरदारपुर, रामा और पेटलावद की वन भूमि शामिल होगी।
इस फैसले से 14 गांवों-गुमानपुरा, बिमरोड, छडावद, धुलेट, पिपरनी, सेमल्या, केरिया, करनावद, सियावद, अमोदिया, सोनगढ़, महापुरा, टिमायची और भानगढ़में निजी भूमि के क्रय-विक्रय पर लगी रोक हट जाएगी। इससे हजारों किसानों को अपनी जमीन पर पूर्ण अधिकार मिलेगा, जिससे वे इसे बेचने, खरीदने या सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम होंगे। यह कदम किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अपनी जमीनों पर प्रतिबंधों के कारण परेशान थे। स्थानीय किसानों में इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल है।