मंदसौर। जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक तृप्ती बैरागी द्वारा बताया गया कि प्रकृति का संरक्षण करना ही भगवान की पूजा है। भारतीय संस्कृति एवं शास्त्र भी हमें यही प्रेरणा देते है। पीपल, आवला, बरगत सहित अनैक पेङ की हम पूजा करते हैं । पर्यावरण को बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पौधारोपण करना है। यह बात मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद की स्थापना दिवस पर आयोजित स्वैच्छिकता पर्व पर जिला पंचायत मंदसौर मे वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी ने कही।
वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी ने कहा कि सामाजिक कार्य वही व्यक्ति कर सकता हैं जिस पर भगवान की कृपा होती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी अनिल कियावत ने मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन करते हुए कहा कि जल संवर्धन को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जो कार्य किया है वह समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ समाज सेवी एवं लोकमान्य तिलक हाई सेकेण्डरी स्कुल बालागंज के संचालक हिम्मत डांगी ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के संदेश का वाचन करते हुए कहा कि प्रकृति एवं पर्यावरण को बचाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद का गठन ही इसी उद्देश्य के साथ हुआ है। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा प्रदेश मे 2200 बावड़ियों का समाज के सहयोग से श्रमदान कर गरीकरण किया गया । जो जल संरक्षण के लिए एक मिशाल है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन नागर ने भी वर्चुअल संवाद कर जनअभियान परिषद के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक तृप्ती बैरागी द्वारा मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के बारे में विस्तार से जानकारी देकर उनकी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान परिषद् द्वारा तैयार लघु फिल्मों का प्रदर्शन प्रतिभागियों को बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण के साथ किया गया। अतिथियों का स्वागत पौधे भेटकर किया गया। जिला पंचायत परिसर में पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन परामर्शदाता रूपदेव सिंह सिसोदिया ने किया। अंत में आभार विकासखंड समन्वयक नारायण सिह निनामा ने माना। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा गठित ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधी, नवांकुर संस्थाओं के कार्यक्रम समन्वयक, मुख्यमंत्री समुदायिकता नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के सामाजिक कार्यकर्ताओ एवं जिले के समाजसेवी विशेष रुप से उपस्थित थे।