नीमच। शहर में कोटवारों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 15 अगस्त के बाद वे अपने परिवारों के साथ भोपाल में रैली धरना प्रदर्शन करेंगे। मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ द्वारा ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कोटवारों के साथ वर्दी घोटाला किया गया है। उन्हें बहुत ही हल्के स्तर के वर्दी के कपड़े, टॉर्च और जूते उपलब्ध कराए गए हैं।
कोटवारों की मांग है कि वर्दी और जूते का पैसा सीधे उनके खातों में पुरानी व्यवस्था के अनुसार अंतरित किया जाए। कोटवारों ने घटिया वर्दी का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। कोटवारों की मुख्य मांगों में उन्हें स्थाई करना, सेवा/मालगुजारी भूमि का स्वामित्व देना और उन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना शामिल है। संघ ने शहरी क्षेत्रों में कोटवार पद समाप्त करने के असंवैधानिक आदेश को रद्द करने, कोटवार परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति देने और नियुक्ति में ग्राम पंचायत के हस्तक्षेप को खत्म करने की भी मांग की है। कोटवार संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इन आदेशों को जारी नहीं किया जाता है, तो वे अपने अधिकारों के लिए निर्णायक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। यह अल्टीमेटम सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है, क्योंकि कोटवार ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाते हैं।