सिंगोली। मध्यप्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कोटवारों ने तहसील मुख्यालय पर तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। जानकारी देते हुए कोटवार संघ के तहसील अध्यक्ष नारू चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश के 38000 कोटवारों की ओर से सोमवार को पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन दिया गया है जिसमें हमारी मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगे हैं
म०प्र० के सभी 38000 कोटवारों को नियमित किया जावे।
कोटवार पंचायत 2007 की घोषणा अनुसार मप्र के सभी 38000 कोटवारों को पात्रता परिक्षण कर सेवा/मालगुजार भूमि का स्वामित्व प्रदान किया जावे। अभियान चलाकर सेवा भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जावे।
राजस्व आयुक्त कार्यालय भोपाल द्वारा मा० उच्च न्यायालय जबलपुर की अवमानना कर अवैध रूप से जारी भंडार क्रय नियम 2022 का पालन कर वर्दी क्रय संबधी आदेश निरस्त कर पूर्व की तरह बर्दी की राशि कोटवारों के बैंक खाते के माध्यम से भुगतान की जावे। उक्त आदेश निरस्त न होने तक दी जा रही घटिया एवं अनुपयोगी कोटवार वर्दी का बहिष्कार किया जावेगा।
शहरी एवं नगरीय क्षेत्र में तथा एक ग्राम में एक से अधिक कोटवार होने की स्थिति में कोटवार पद समाप्त करने संबंधी असंवैधानिक आदेश निरस्त किया जावे।
कोटवार नियुक्ति में कोटवार परिवार के सदस्य को ही बिना ग्राम पंचायत प्रस्ताव के पटवारी प्रतिवेदन एवं थाना प्रभारी चरित्र प्रमाण पत्र के आधार पर कोटवार नियुक्ति में प्रथम वरियता संबंधी स्पष्ट आदेश किया जावे।
कोटवार नियुक्ति में ग्राम पंचायत ठहराव लेने का आदेश निरस्त किया जावे। राजनैतिक द्ववेश चुनावी रंजिश के कारण ग्राम कोटवार को सरपंच/सचिव बगैरह जो प्रति पांच वर्ष में बदलते रहते हैं एवं ग्राम के प्रभावशाली लोगों द्वारा अकारण परेशान किया जाता है जबकि कोटवार राजस्व विभाग का कर्मचारी है ऐसी स्थिति में कोटवार के आवेदन पर तहसीलदार को ग्राम कोटवार को तहसील कार्यालय में संलग्न कर शासकीय कार्य कराने का अधिकार दिया जावे।
अन्य कर्मचारियों की तरह कोटवार की सेवाकाल में मृत्यु होने पर दस लाख रूपये की अनुग्रह सहायता एवं कोटवार परिवार के सदस्य को अनिवार्य रूप से चतुर्थ श्रेणी पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जावे।
गंभीर अपराध के झूठे आरोप लगने पर या अन्य किसी कारण से कोटवार को सेवा प्रथक करने का अधिकार तहसीलदार के स्थान पर संपूर्ण विभागीय न्यायिक जांच उपरांत कलेक्टर को दिया जावे।
म० प्र० के दो जिले हरदा एवं भिण्ड तथा कुछ अन्य जिलें की कुछ तहसील में शासन के आदेश के पालन में 500 / रूपये की प्रतिवर्ष वेतन वृद्धि नहीं की जा रही है। शासन आदेश का पालन न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों / कर्मचारियों पर कार्यवाही की जावे एवं उनकी गोपनीय चरित्रावली में शासन स्तर से प्रतिकूल टिप्पणी अंकित की जाकर आदेश दिनांक 01/10/2023 से ही शेष जिलों में कोटवार वेतन में 500/ रूपये प्रतिवर्ष की वेतन वृद्धि की जावे। भिण्ड जिले में राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा आई०एम०एफ०एस० साफटवेयर सत्यापन के नाम पर कोटवारों से 2018 के बाद की नियुक्ति संबधी अवैध जांच के नाम पर कोटवारों का शोषण करने एवं उनका वेतन महिनों से रोकने वाले नायब नाजिर एवं संबधित राजस्व अधिकारियों पर कार्यवाही की जावे।
कोटवार के सेवा मुक्त होने पर कोटवार के परिवार के सदस्य को कोटवार पद पर नियुक्ति एवं एक लाख रूपये सेवा मुक्ति राशि सेवामुक्त कोटवार को देने के शासन आदेश का पालन केवल मंडला जिले में हुआ है, अन्य जिलों से जानकारी प्राप्त कर 01/10 2023 के बाद सेवा मुक्त प्रदेश के सभी कोटवारों को सेवा मुक्त्ति की एक लाख रूपये राशि दिलाई जावे। प्रदेश के सभी कोटवारों को सिम शासन बैलेंस सहित देने के शासन के आदेश के वावजूद आज दिनांक तक आदेश का पालन नही हुआ है। पालन कराया जावे।
ज्ञापन के आधार पर उक्त आदेश जारी किए जाएं अन्यथा की स्थिति में मप्र के सभी 38000 कोटवार 15 अगस्त के बाद अपनी आजादी हेतु अपने परिवार सहित प्रदेश के सभी जिलों से तिरंगा यात्रा लेकर मुख्यमंत्री को भारत के मान-सम्मान-बलिदान एवं स्वाभिमान के प्रतीक तिरंगा भेंट करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
ज्ञापन के दौरान कोटवार कर्मचारी संघ तहसील अध्यक्ष नारू चौहान, उपाध्यक्ष घनश्याम मेघवाल, संगठन मंत्री मुश्ताक नीलगर, रामसुख बलाई, प्रहलाद गुर्जर, मुकेश प्रजापत, छीतरमल बलाई, देराम प्रजापत, भूरालाल सुथार, चुन्नीलाल गुर्जर, सुखलाल गुर्जर, मुश्ताक अली नीलगर, अमरसिंह राजपूत, मुकेश गुर्जर सहित तहसील के अनेक कोटवार मौजूद थे।