BREAKING NEWS
KHABAR : आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलना है 70 से 75.. <<     VIDEO NEWS:स्कूलों में मीडिया एंट्री पर रोक ? आदेश पर.. <<     KHABAR : भैंसाया गढ़ा के राम अहिरवार अग्निवीर में.. <<     KHABAR : नीमच में जल संरक्षण की बड़ी पहल, जनसहयोग से.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : बड़वानी ब्राह्मण समाज के प्रतिभा सम्मान.. <<     BIG NEWS : उज्जैन में दिग्विजय सिंह का केंद्र सरकार.. <<     BIG NEWS : मंदसौर में खून से लाल हुई सुबह, खेत पर.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : राम मंदिर के चोरों को बाबा बागेश्वर ने.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले के महागढ़ चक में शव मिलने से.. <<     VIDEO NEWS: कभी धूप की मार, कभी बारिश का कहर… आमजन.. <<     NEWS : सुख सेवा संस्थान में नशा मुक्त भारत अभियान.. <<     NEWS : निःशुल्क ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल प्रशिक्षण.. <<     सोनकच्छ में 365 साल पुरानी परंपरा के तहत निकला.. <<     मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की.. <<     VIDEO NEWS: CM यादव 29 जून को नीमच दौरे पर, 670 करोड़ की.. <<     KHABAR : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नमन के साथ हर.. <<     KHABAR : मनासा में विद्या भारती ग्राम भारती की.. <<     BIG NEWS : प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव का दौरा तय,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 8, 2025, 12:47 pm
KHABAR : स्कूलों में प्राइवेट पब्लिकेश की किताबों पर नहीं लगाम, प्राइमरी के ही 2500 से 3500 रुपये तक कोर्स, प्राइवेट स्कूल थमा से अभिभावकों को बुक स्टोरों की पर्ची, पढे़ खबर 

Share On:-

मुरैना। नवीन सत्र की शुरूआत होते ही प्राइवेट स्कूलों की स्कूल में पढ़ाए जाने वाली किताबों को लेकर मनमानी का खेल शुरू हो गया है। स्कूल एनसीईआरटी की किताबों के साथ आधा दर्जन प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें का बोझ अभिभावकों पर डाला जा रहा है। इन किताबों की कीमत का अंदाजा इस कदर लगाएं कि प्राइमरी स्कूल तक की किताबें 2500 से 3500 रुपये तक थमाईं जा रहीं हैं। जिसकी वजह से अभिभावकों की जेब पर अतरिक्त बोझ बढ़ रहा है। जबकि नियम है कि स्कूल सिर्फ एनसीईआरटी की किताबों को ही पढ़ाएंगें। ज्यादा हो तो एक या दो किताब प्राइवेट पब्लिकेशन की पढ़ा सकते है। प्राइवेट स्कूल इन सभी नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से तय बुक स्टोर से ही किताबों की बिक्री करा रहे हैं। शिक्षा महकमे का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। 


उल्लेखनीय है कि इस समय बुक स्टोरों पर खासी भीड़ दिखाई दे रही है। इसकी वजह है कि नवीन सत्र के शुरू होते ही अभिभावक बच्चों के लिए कोर्स खरीदने पहुंच रहे हैं। इस कोर्स की आड़ में प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी कर नियमों को भी ताक पर रख रहे हैं। नियम है कि कोई भी स्कूल अपने विद्यालय से ड्रेस, कोर्स व अन्य स्टेशनरी नहीं बेच सकता। वहीं सिर्फ एनसीईआरटी की किताबों से ही अध्ययन कराया जाएगा, लेकिन स्कूल संचालक धडल्ले से प्राइवेट पब्लिकेशन की किताब कोर्स में जोड़ रहे हैं। इन किताबों की कीमत सुनकर अभिभावकों के होश उड़ जाते हैं। एलकेजी, यूकेजी और कक्षा एक व दो की किताबें तक 2500 से 3500 रुपये कीमत में बेची जा रही है। स्कूल संचालक अभिभावकों के हाथ में इन प्राइवेट पब्लिकेशन किताबों की सूची और बुक स्टोर का नाम अभिभावकों के हाथ में थमा रहे हैं इसके बाद बुक स्टोर मनमाने दामों में इनकों बेचने में लगे हुए हैं। अभी तक इस दिशा में शिक्षा विभाग की ओर से कहीं कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली है, जिसकी वजह यह हालात बन रहे हैं और स्कूल संचालक अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। 


यह किताब भी कम से कम तीन बुक स्टोरों पर मिलनी चाहिए। लेकिन देखा जा रहा है कि अभिभावक बुक स्टोरों पर स्कूली से मिली पर्ची पकड़े खड़े है, जिसमें संबंधित बुक स्टोर का नाम लिखा हुआ है। एक या दो प्राइवेट पब्लिकेशन की नहीं बल्कि आधा दर्जन किताबें यहां से दी मनमाने दाम पर दी जा रहीं हैं। 


मोटे कमीशन के फेर में अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है 
जिस तरह से अभिभावकों को प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें स्कूल खरीदने पर मजबूर कर रहे है, इससे स्पष्ट पता चलता है कि इन किताबों को चलाने के लिए मोटा कमीशन स्कूलों को दिया जा रहा है। बताया जाता है कि इन किताबों पर लगभग 50 से 60 प्रतिशत तक कमीशन दिया जा रहा है। इसके लिए अपने बुक स्टोर चिन्हित कर रखे है। वहीं से यह कोर्स उपलब्ध हो सकता है। अगर अभिभावक एक या दो किताबें कम खरीदने की कहे तो उसे पूरा कोर्स ही नहीं दिया जाता। जिससे मजबूरन उन्हें इस महंगे कोर्स को खरीदना पड़ रहा है। 
क्या कहते है।


हमने 6100 रुपये की तीन सेट कोर्स यूकेजी कक्षा के खरीदें हैं। स्कूल ने बुक स्टोर की पर्ची पकड़ा दी थी, यह कोर्स अन्य किसी दुकान पर नहीं मिलता है। बच्चे वनखंडी रोड स्थित मोेंट कार्वर कांवेंट स्कूल में पढ़ते हैं। राठी अस्पताल के पास बुक स्टोर की पर्ची दी गई थी। इसमें कई किताबें है। कोर्स में कितनी दी है, यह अभी मैने देखी नहीं हैं। 


हमारी बेटी कक्षा सात में न्यू नैवी स्कूल सुभाष नगर में पढ़ती है। जिसमें स्कूल से भैया प्रकाशन बुक स्टोर की पर्ची दी है। यहां कोर्स 2478 रुपये का दिया गया है। हमने कहा कि दो बुक हमारे पास है उनको कम करो, तो कोर्स देने से मना कर दिया। छह किताब प्राइवेट प्रकाशन की और तीन किताब एनसीईआरटी की दी है। मेरे चार बच्चे है इतना महंगा कोर्स कैसे खरीदेंगें। किसी अन्य बुक स्टोर पर मिल नहीं रहीं। 


हमारे यहां यूकेजी का 1500 से 2500 रुपये तक कोर्स है। तीन से चार स्कूलों के कार्स हमारे पास हैं। एनसीईआरटी की किताबें भी इसमें शामिल है। पर्ची देने जैसी कोई बात नहीं है। जहां किताब मिलेंगीं वहीं अभिभावक आएंगें। तीन किताबों पर यह किताब मिल जातीं हैं। जहां प्रसिद्धि होगी वहीं लोग आएंगें। राजकिशोर अग्रवाल, संचालक भैया प्रकाशन बुक स्टोर।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE