उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक नई पहल की गई है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पनपथा क्षेत्र में विचरण कर रहे हाथियों के एक झुंड से एक हाथी को चिह्नित किया है। इस हाथी को ट्रैंक्युलाइज कर रेडियो कॉलर पहनाई जाएगी।
यह कदम वन्यजीव प्रबंधन के लिए अहम है। हाथी अकसर जंगल से निकलकर आसपास के गांवों में पहुंच जाते हैं। इससे वन विभाग और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रेडियो कॉलर की मदद से हाथियों के झुंड की लोकेशन और मूवमेंट की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
टाइगर रिजर्व के उपसंचालक पीके वर्मा के अनुसार, हाथी को कॉलर पहनाने के बाद उसे वापस उसके झुंड में छोड़ दिया जाएगा। इस प्रक्रिया से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही गांवों में होने वाले नुकसान को भी रोका जा सकेगा।
यह काम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इसे योजनाबद्ध तरीके से लागू किया है। इस पहल से न केवल हाथियों की निगरानी आसान होगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण को भी बल मिलेगा।