नीमच। जिले में संचालित अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी मनासा और मंदसौर के खिलाफ धोखाधड़ी और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। सोमवार को इन सोसाइटियों से पीड़ित बड़ी संख्या में लोग अक्षय सोसाइटी चोर है जैसे नारे लगाते हुए नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने मनासा स्थित सोसाइटी से ऋण लिया था, जिसे समय पर चुका दिया गया, लेकिन उनके कोरे हस्ताक्षरित चेकों का दुरुपयोग करते हुए इन्हें मंदसौर शाखा को सौंप दिया गया और उनके खिलाफ झूठे चेक बाउंस के मामले दर्ज किए गए।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मंदसौर शाखा के ब्रांच मैनेजर सूर्यप्रकाश मंडवारिया और अमित बारोट ने गलत शोध्य प्रमाण पत्र के आधार पर कलेक्टर न्यायालय में कुर्की और वसूली के लिए आवेदन दिए, जबकि मंदसौर शाखा को ऐसा करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। धरने पर बैठे पीड़ितों ने कलेक्टर से मांग की कि कलेक्टर न्यायालय में लंबित कुर्की के प्रार्थना पत्र तत्काल निरस्त किए जाएं। सीज किए गए बैंक खाते अन-सीज किए जाएं। अवैध रूप से वसूली गई राशि 26 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए। दोनों सोसाइटी, उनके बोर्ड सदस्यों, कर्मचारियों, सीईओ और अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
धरना स्थल पर एसडीएम संजीव साहू और सहकारिता विभाग के अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की, लेकिन पीड़ितों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी शिकायतों का ठोस समाधान नहीं किया जाता, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। यह मामला सहकारिता संस्थाओं की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन पर अब इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की जिम्मेदारी है।