भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के संज्ञान में कोई समस्या लाता है तो समस्या के समाधान की जगह समस्या लेकर आने वाले पर कार्रवाई होती है। प्रशासन की सर्विस बुक की अवहेलना है कि एक अधिकारी जिसे पद पर रहना है वह सरकार का तोता बन गए हैं।
मंगलवार (8 जुलाई) को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश आज़ाद कराया। हम उस विचार के हैं जिसने फांसी के फंदे को चूमते हुए आज़ादी में कोई कोर कसर बाकि नहीं छोड़ी। हमारा दायित्व विपक्ष की भूमिका निभाने का है। जहां पीड़ा, अराजकता और अन्याय होगा, वहां कांग्रेस खड़ी रहेगी। सरकार को संदेश है कि हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे। आपकी विफलता पर बात करेंगे।
खुद पर हुई एफआईआर को लेकर कही ये बात
जीतू पटवारी ने अपने ऊपर दर्ज एफआईआर पर कहा कि गिरफ्तारी, जेल भरो, न्याय सत्याग्रह की बात है। यह कोई एफआईआर मुझ पर हुई या किसी अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता पर हुई, सवाल इस पर नहीं है। सवाल यह है कि एक व्यक्ति पीड़ित था। उसने 50 जगह अपनी शिकायत की। अलग अलग उसके साक्ष्य हैं। वह व्यक्ति 300 किलोमीटर दूर चलकर मेरे पास आया और न्याय की मांग की। मैंने विपक्ष का दायित्व निभाया। प्रशासन ने आरोपी पर कार्रवाई नहीं की क्योंकि वह विधायक का रिश्तेदार था। कार्रवाई पीड़ा सुनने वाले पर हुई। सरकार के दबाव में प्रशासन ने जिस तरह का अपराध किया वह क्षमा योग्य नहीं है।
कलेक्टर-एसपी पर भी दिया बयान
पीसीसी चीफ ने कहा कि जो व्यक्ति कलेक्टर बने रहना चाहता है, उसने यूपीएससी की परीक्षा दी, मेहनत की, क्लियर की और वह एक जिले को संवारना, प्रशासन सुधारना चाहता है, उसकी अपेक्षा नियमसम्मत है। हम उसका सम्मान करते हैं। लेकिन कलेक्टर बने रहने के लिए सरकार का पालतू तोता बन जाना, यह नहीं चलेगा। एसपी बनने के लिए सरकार की विचारधारा के हिसाब से विधायकों की रोज ड्यूटी करना, यह नहीं होगा।
अशोकनगर में आम जनता की लड़ाई लड़ने जा रहे- पीसीसी चीफ
पटवारी ने अशोकनगर में कांग्रेस के हल्लाबोल प्रदर्शन पर कहा कि पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और हम सभी अशोकनगर के कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता की लड़ाई लड़ने जा रहे हैं। यह स्वाभाविक है कि जनता ने हमें विपक्ष का दायित्व दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाने से पहले जो वादे किए थे, उन वादों को पूरा करवाने की भावना के साथ विपक्ष काम करता है।