नीमच। ग्राम पंचायत भंवरसा के अंतर्गत आने वाले ग्राम कचोली के मनरेगा की महिला श्रमिक इन दिनों गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। गांव में मनरेगा के तहत पौधारोपण और नर्सरी विकास का कार्य पिछले तीन महीनों से चल रहा है, लेकिन अब तक श्रमिकों को उनकी तीन महीने की मजदूरी और लगाए गए पौधों की सब्सिडी की राशि नहीं मिली है।ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उन्होंने सरकार की योजनाओं के अनुरूप मेहनत से काम किया, लेकिन जब हक की राशि मिलने की बारी आई, तो केवल आश्वासन ही मिला। जानकारी के अनुसार बजट में साढ़े सात लाख की अतिरिक्त राशि उपलब्ध है। फिर भी इसका लाभ लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है।प्रभावित श्रमिकों का कहना है कि बिना मजदूरी के गुजारा करना मुश्किल हो गया है।