उज्जैन। नगर निगम ने मंगलवार को महाकाल मंदिर के सामने स्थित अवैध निर्माण को तोड़ दिया। निगम के अधिकारियों ने बिना अनुमति के बनाए जा रहे भवन पर करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में जेसीबी मशीन से पूरा निर्माण ध्वस्त कर दिया गया।
महाकाल मंदिर के गेट नंबर चार के सामने अशोक जोशी द्वारा बिना अनुमति बहुमंजिला होटल का निर्माण कराया जा रहा था। निगम के अधिकारियों ने तीन दिन पहले ही उन्हें नोटिस जारी किया था। नगर निगम ने मंगलवार सुबह कार्रवाई शुरू करते हुए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। जोशी को दो बार नोटिस देकर काम रोकने का निर्देश भी दिया गया था, लेकिन उन्होंने आदेश की अवहेलना करते हुए निर्माण जारी रखा।
नगर निगम के भवन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि जोशी ने बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से होटल का निर्माण शुरू कर दिया था। उन्हें दो बार नोटिस देकर निर्माण रोकने को कहा गया, लेकिन जब इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा, तो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
अशोक जोशी के बेटे तुषार जोशी ने कहा कि 150 वर्ष पुराना मकान था। कई बार थाने से भी सूचना आई कि आपका मकान जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, इसे ठीक करवा लीजिए। लेकिन उस समय परमिशन नहीं मिल रही थी। हम दो कमरे, एक किचन और नीचे दुकान का निर्माण कर रहे थे। नगर निगम ने तीन दिन का समय दिया था, लेकिन दो दिन पूरे होते ही निगम ने कार्रवाई कर दी। एक दिन पहले ही निगम ने भवन तोड़ दिया। अब हम नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।