खरगोन। जिले के कसरावद में गुरुवार को स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ पर गायत्री परिजनों ने नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के माध्यम से गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया। सबसे पहले ब्रह्मा, विष्णु और महेश के आह्वान के साथ गुरु पूजन, व्यास पूजन और देव पूजन का क्रम संपन्न हुआ। तत्पश्चात गायत्री महायज्ञ में सभी ने सामूहिक रूप से भावभरी आहुतियां समर्पित कीं। इस अवसर पर नगर सहित आसपास के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित हुए।
गुरु पूर्णिमा का पर्व संदेश खरगोन से आए दीपक बार्चे ने दिया। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण का पर्व है। यह गुरुओं का सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। यह शिष्यत्व के बोध का दिन है। उन्होंने बताया कि सामान्य गुरु कान फूंकते हैं जबकि सदगुरु प्राण फूंकते हैं। इसलिए जीवन में सदगुरु का होना आवश्यक है।