धार। गुरुवार को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने एक नई योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा-
अब अगर कोई व्यक्ति अपने निजी वाहन से किसी गर्भवती महिला को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाता है, तो उसका खर्च रेडक्रॉस संस्था वापस देगी। यह कदम जनसहयोग बढ़ाने और समय पर प्रसव सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
टीकाकरण की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी
बैठक में आईएमआर और एमएमआर के आंकड़ों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन सूचकों में सुधार के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दरों का अधिक होना यह दिखाता है कि गाइडलाइन का पालन सही से नहीं हो रहा है। टीकाकरण की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से पूर्ण टीकाकरण में देरी का कारण पूछा। साथ ही ठोस कार्ययोजना और मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
काम न करने वाले सीएचओ को सेवा से हटाने के दिए गए आदेश
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की उपस्थिति और उनके कार्य की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सीएचओ की उपस्थिति के सत्यापन की जिम्मेदारी अन्य विभागों को सौंपी। काम न करने वाले सीएचओ को सेवा से हटाने के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कंट्रोलिंग डॉक्टर पर भी कार्रवाई होगी।
कलेक्टर बोले- अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी
बैठक में डॉक्टरों की गैरहाजिरी और कुछ कर्मचारियों के सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने की बात भी उठाई गई। कलेक्टर ने साफ कहा कि कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे विभाग की छवि खराब होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनुशासनहीनता बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।