नीमच। आगामी 15 जुलाई 2025 को देशभर में प्रस्तावित अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक के संदर्भ में, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया तथा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार, जिले की समस्त जेलों में बंदियों की पहचान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
इसी क्रम में 10 जुलाई 2025 को जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार द्वारा जिला जेल नीमच एवं उप जेल जावद का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों से चर्चा कर उन्हें की कार्यप्रणाली एवं छ द्वारा निर्धारित 16 श्रेणियों की जानकारी दी गई। इस दौरान उन बंदियों की पहचान की गई जो उक्त श्रेणियों में पात्र हैं।
प्रवीण कुमार ने बताया कि चिन्हित बंदियों के मामलों में संबंधित न्यायालयों में जमानत हेतु अनुशंसा की जा सकती है तथा परिस्थितियों अनुसार जमानत की शर्तों में शिथिलता भी संभव है। यह प्रक्रिया न्यायिक सुधार और बंदियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निरीक्षण के समय जिला जेल नीमच में जेल अधीक्षक एन.एस. राणा, उप अधीक्षक एमके चौरसिया, और उप जेल जावद में जेल अधीक्षक डॉ. अंशुल गर्ग एवं पैरा लीगल वालंटियर हेमेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।