विदिशा। जिला स्तरीय बैंकर्स समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने हितग्राही योजनाओं और बीमा प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण न करने वाली बैंकों के शासकीय खाते बंद करने की चेतावनी दी है।
पंजाब नेशनल बैंक की कार्यप्रणाली से नाराज कलेक्टर ने उसके सरकारी खाते बंद कर अन्य बैंक में स्थानांतरित करने के आदेश दिए। समीक्षा में सामने आया कि पीएनबी ने केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत न तो हितग्राहियों को ऋण दिया और न ही मृत खाताधारकों के परिजनों को बीमा का लाभ पहुंचाया।
मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत खाताधारक की मृत्यु पर परिजनों को 2 लाख रुपए की सहायता राशि का प्रावधान है। बैंक प्रतिवर्ष खातों से प्रीमियम की राशि काटती है। फिर भी मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया।
बैंक प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में अलग-अलग योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई। इनमें प्रधानमंत्री उद्यम क्रांति योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड योजना और संत रविदास स्वरोजगार योजना शामिल थीं। कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाले बैंक प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।