मंदसौर। शासकीय महाविद्यालय मंदसौर के जनभागीदारी अध्यक्ष नरेश चंदवानी ने कहा कि मंदसौर जिले में स्वीकृत विकास कार्य भारतीय जनता पार्टी की सरकार की दूरदर्शी नीतियों और जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयासों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि जिले को सिंहस्थ मद से लगभग 120 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के नेतृत्व में मिली है।
चंदवानी ने स्पष्ट किया कि मंदसौर विधायक विपिन जैन द्वारा इन कार्यों का श्रेय लेना भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के लिए मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर, पार्षदगण, सभापतिगण, अधिकारी और अभियंता विगत डेढ़ वर्षों से भोपाल मंत्रालय स्तर पर सतत पत्राचार और अनवरत प्रयास कर रहे थे, जिसके फलस्वरूप यह बड़ी सौगात जिले को प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि मंदसौर नगर के लिए स्वीकृत लगभग 75 करोड़ रुपये की योजनाएं नगर पालिका के प्रयासों से ही साकार हो रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी कुछ और कार्य शेष हैं, जिनके लिए प्रयास जारी हैं और शीघ्र ही उन्हें भी स्वीकृति मिल जाएगी।
चंदवानी ने जिन प्रमुख कार्यों का उल्लेख किया, उनमें शामिल हैं-
शिवना नदी तट सौंदर्यीकरण (13 करोड़ रु.)
पशुपतिनाथ मंदिर से महू-नीमच रोड तक 4-लेन सड़क (7 करोड़ रु.)
फायर स्टेशन, बस टर्मिनस, सिंहस्थ पथ सहित अन्य निर्माण कार्य (31 करोड़ रु.)
शिवना नदी पर नवीन पुल (23 करोड़ रु.)
मां दूधाखेड़ी मंदिर पर यात्री प्रतिक्षालय और भक्त निवास (3 करोड़ रु.)
धर्मराजेश्वर, चंदवासा से 8 लेन कनेक्टिविटी आदि कार्य-
उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पीछे सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित, विधायक हरदीप सिंह डंग, विधायक चंदर सिंह सिसौदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा पाटीदार, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया, और नपाध्यक्ष रमादेवी गुर्जर का अहम योगदान है, न कि कांग्रेस विधायक का।
चंदवानी ने कहा कि यह समस्त कार्य सिंहस्थ मद के अंतर्गत स्वीकृत हुए हैं, जिनमें विधायक विपिन जैन की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक द्वारा केवल मीडिया में प्रेस नोट जारी कर झूठी वाहवाही लूटने का प्रयास किया गया है, जो जनता को गुमराह करने जैसा है।