BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रही सुमन कुंवर राणावत, परिवार में.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : भोपाल में व्यापारियों से कमर्शियल टैक्स,.. <<     KHABAR : महाकाल वीआईपी रूट पर ऑटो-ई-रिक्शा.. <<     NEWS : प्रतापगढ़ में ड्रग्स माफिया की 2.10 करोड़ की.. <<     KHABAR : पथरिया नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने.. <<     KHABAR : आज साल की सबसे बड़ी निर्जला एकादशी होने पर.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : पीएचई व जल निगम के अधिकारियों के साथ.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : भक्तों के दान से भरा बाबा महाकाल का खजाना,.. <<     KHABAR : नेमीचंद नाहटा पंचतत्व में विलीन,.. <<     मुरैना में 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' की गूंज, बैंक.. <<     NEWS : सुख सेवा संस्थान के तत्वावधान में सामाजिक.. <<     NEWS : नशा मुक्ति जन चेतना रैली से दिया नशा छोड़ने.. <<     NEWS : 16 जून से 31 अगस्त तक मछलियों के विक्रय पर.. <<     खरगोन में जर्जर मकानों पर चला नगर पालिका का.. <<     खरगोन में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार युवक की.. <<     KHABAR : सेफ क्लिक अभियान 2.0 के तहत बैंक और स्कूल.. <<     रतलाम के जावरा में गौ रक्षकों के समर्थन में.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 3, 2025, 11:08 am
BIG NEWS : चौकीदार के सहारे चल रहा कंजार्डा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बिना नर्स हुई प्रसूता की डिलीवरी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर उठे सवाल, जिम्मेदार नदारद, पढ़े महेन्द्र भटनागर की खबर 

Share On:-

कंजार्डा। राज्य सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कंजार्डा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इसका ज्वलंत उदाहरण है, जहां शुक्रवार रात एक प्रसूता महिला की डिलीवरी चौकीदार की मौजूदगी में हुई, क्योंकि कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद नहीं था।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 9 बजे दंतलाई निवासी लालराम भील अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर पीएचसी कंजार्डा पहुंचा। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वहां केवल चौकीदार मौजूद था। बिना नर्स के ही महिला की डिलीवरी हो गई। चौकीदार ने महिला को डिलीवरी रूम में शिफ्ट किया और किसी तरह स्थिति संभाली।

जब पदस्थ महिला नर्सों को सूचना दी गई, तो उनका कहना था कि हमारी ड्यूटी दिन की है, रात को नहीं। 24 घंटे हम यही काम नहीं कर सकते। स्थिति और गंभीर तब हुई जब रेफर कार्य के लिए पदस्थ पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता कन्हैयालाल धाकड़ भी अनुपस्थित पाए गए। अंततः 5 किमी दूर से महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सोना धाकड़ को बुलाया गया, जिन्होंने महिला और नवजात को संभाला। इस गंभीर लापरवाही पर जब स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि, आप पत्रकार केवल शिकायत करते हैं, समाधान नहीं।

इस पूरे घटनाक्रम में कई सवाल उठते हैं-
रात्रि ड्यूटी में महिलाओं की देखभाल के लिए महिला स्टाफ क्यों नहीं है?
ड्यूटी पर नियुक्त कर्मी अनुपस्थित क्यों हैं?
पहले की शिकायतों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

स्थानीय पत्रकारों द्वारा जब स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया, तो रात में पूरा अमला अस्पताल पहुंचा। लेकिन बीएमओ डॉ. भायल से संपर्क नहीं हो सका, उनका मोबाइल बंद मिला। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उजागर कर दी है। जिस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व एक विकासोन्मुखी सोच रखने वाले विधायक करते हैं, वहां की इस तरह की स्थिति निश्चित रूप से चिंताजनक है।

ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधि हस्तक्षेप कर स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार करें। एक समय था जब इस केंद्र पर महीने में 25 तक डिलीवरी होती थीं, लेकिन अब स्थिति बद से बदतर हो चुकी है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE