बालाघाट। रविवार को नक्सल प्रभावित क्षेत्र की आदिवासी बहनों ने पहली बार पुलिस जवानों को राखी बांधी। दरअसल, सर्वधर्म सेवा समिति पिछले 20 सालों से नक्सल उन्मूलन में तैनात जवानों के लिए रक्षाबंधन कार्यक्रम करती आ रही है।
इस साल रूपझर थाने में हुए कार्यक्रम में अति नक्सल प्रभावित पचामा, दादर और घोंदी की आदिवासी महिलाएं पहली बार इसमें शामिल हुईं।
महिलाएं बोलीं- बालाघाट पुलिस हर काम में कर रही मदद
राखी बांधने आई महिलाओं ने बताया कि हमारी उम्र बीतती जा रही थी, लेकिन न तो हमें घर का पट्टा मिला था और न ही कोई अन्य जरूरत कागजात। कोई हमारा साथ नहीं देता था। अब पुलिस के जवान हमारे घर आते हैं। हमारा हाल-चाल पूछकर हरसंभव मदद करते हैं।
महिलाएं बोलीं-एक भाई की तरह हमारी मदद करती है पुलिस
राखी बांधने आई महिलाओं ने कहा कि चाहे इलाज करवाना हो या कोई कागज तैयार करना हो या बच्चे का स्कूल में दाखिला करना हो, पुलिस जवान हर प्रकार से एक भाई की तरह हमारी मदद करते हैं। इसलिए इस बार हमने पुलिस थाना पहुंचकर पुलिस के जवानों राखी बांधी।
कार्यक्रम में हॉक फोर्स के डीएसपी संदीप बांगरे, थाना प्रभारी योगेंद्र दुबे, सीआरपीएफ निरीक्षक रूपेश कुमार सिंह, चौकी प्रभारी आकाश शर्मा, उपनिरीक्षक भूपत सिंह, धर्मेंद्र परमार, मायाराम सरोते, रौशन कुमार, बाबूलाल मीणा सहित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान, हॉक फोर्स और जिला बल के जवान मौजूद रहे।