छतरपुर। जिला के बकस्वाहा में आदिवासी स्थापना दिवस बड़े उत्साह, गौरव और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर का माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में छतरपुर, सागर, दमोह, मंडला, सतना सहित कई जिलों से आदिवासी समुदाय के लोग भारी संख्या में पहुंचे। सभी ने पारंपरिक वेशभूषा और लोक धुनों के साथ अपनी संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन किया।
आयोजन में जयश की प्रदेश अध्यक्ष सोनू रावत विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उनके साथ भाजपा के पूर्व विधायक प्रदुम्न सिंह लोधी, भाजपा मंडल अध्यक्ष, बलभद्र राय सहित जयस जिलाध्यक्ष मंटू आदिवासी, तथा पूर्व जिला अध्यक्ष वेंकट आदिवासी भी मंचासीन रहे। सभी नेताओं ने अपने संबोधनों में आदिवासी समाज की एकजुटता, शिक्षा में प्रगति और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष सोनू रावत ने कहा कि आदिवासी समुदाय को अपने अधिकारों के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी मजबूती से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गांवों और समाज में जागरूकता फैलाएं तथा पुरानी कुरीतियों को त्यागकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। नगाड़ों की थाप, मादल की गूंज और गीतों की लय पर युवा और बुजुर्ग एक साथ झूमते नजर आए।आयोजन स्थल को रंग-बिरंगे पंडालों, बैनरों और सांस्कृतिक प्रतीकों से सजाया गया था, जिससे माहौल और भी मनमोहक बन गया।
स्थानीय नागरिकों और अतिथियों ने इसे आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक नृत्य और उत्सव के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिसने इस दिन को सभी के लिए यादगार बना दिया।