खंडवा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने रोड़ जाम कर दिया। पहले तो वे कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। फिर बाहर आकर स्टेडियम के सामने मेन रोड़ पर बैठ गए। मामला एक कॉलेज प्राचार्य पर गबन के आरोप को लेकर हैं। जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर एबीवीपी ने दो घंटे तक धरना दिया। आखिर में जांच आदेश मिलने पर उन्होंने चक्काजाम खत्म किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी अजय बंजारे के मुताबिक, शासकीय महाविद्यालय हरसूद में साल 2015 से 2022 तक लाखों रुपए का घोटाला हुआ हैं। इस दौरान तत्कालीन प्राचार्य डॉ. प्रभाकर साल्वे ( असिस्टेंट प्रोफेसर) व तत्कालीन लेखापाल शेख शकील की मुख्य भूमिका रही हैं। मामले में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कलेक्टर से मिले तो कहते हैं कि सबूत लाओ फिर जांच करेंगे। अब हम सबूत लेकर आए हैं। अब प्रशासन जांच करें और ठोस एक्शन ले। हम लोग आज सोमवार को इसीलिए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां हमारी सुनवाई नहीं हुई। इसी कारण रोड़ पर धरना देने के लिए मजबूर हुए।
एडीएम आए, फिर जांच आदेश लेकर भेजा
एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन की सूचना के बाद एसडीएम बजरंग बहादुर, सीएसपी अभिनव बारंगे, टीआई अशोक चौहान सहित राजस्व और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। लेकिन प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने यह कह दिया कि किसी आईएएस अफसर के आश्वासन पर ही यहां से उठेंगे। करीब एक घंटे बाद भी मामला नहीं सुलझा तो अपर कलेक्टर काशीराम बड़ौले मौके पर आए। उन्होंने बातचीत की, फिर वे कलेक्ट्रेट गए और एक जांच कमेटी का गठन कर कर्मचारी के हाथों आदेश भिजवाया। यह जांच आदेश एसडीएम बजरंग बहादुर ने एबीवीपी पदाधिकारी को सौंपा और प्रदर्शन खत्म कराया।